समस्या और तनाव प्रबंधन के गुर सीखने के बाद अध्यापक बनाएंगे आत्मजागरूक और साहसी समाज

ग़ाज़ियाबाद। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की रुपरेखा के अनुरूप जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित जीवन कौशल प्रशिक्षण के दोनों बैच का समापन हो गया। जिले भर के 200 सेवारत अध्यापकों को दिए जाने वाले इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा परिभाषित 10 जीवन कौशलों को छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के जीवन में परिलक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार मलिक के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में वरिष्ठ प्रवक्ता व प्रशिक्षण के समन्वयक सुधीर जायसवाल व सह समन्वयक नंद किशोर ने सीखे गए कौशलों को अपने जीवन में भी उतारने का अध्यापकों से आह्वान किया। वरिष्ठ प्रवक्ता ने बताया कि जीवन कौशल वास्तव में सार्थक और सकारात्मक रुप से जीने की एक कला है जो जीवन पर्यंत चलती रहती है। इस दौरान स्टेट रिसोर्स ग्रुप की सदस्या और मुख्य संदर्भ दाता डॉ० विनीता त्यागी ने अध्यापकों को प्रशिक्षण देते हुए लाइफ़ स्किल डेवलप करने के कई टिप्स अध्यापकों...