अपराध के बढ़ते ग्राफ़ को कम करने के लिए मोहल्ले और गलियों में लगाए सीसीटीवी कैमरे
मसूरी। जुआरियों, चोरों, बदमाशों, झगड़ालुओं और अपराधी प्रवृत्ति के असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए कस्बे की गलियों और कॉलोनियों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बीडीसी सदस्य नौशेर ने बताया कि अपराधियों के बढ़ते ग्राफ को रोकने और अपराधियों की पहचान के लिए डबल सुरक्षा वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आज पहले चरण में कस्बे की जाफर कॉलोनी में 48 सीसीटीवी कैमरों को नेट का कनेक्शन देकर ऑनलाइन चालू कर दिया गया है। ब्लाक प्रमुख पति राहुल चौधरी ने आशा व्यक्त की कि सीसीटीवी कैमरे लगने से मोहल्ला वासी अब स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकेंगे।
सीसीटीवी कैमरा योजना के पहले चरण में मसूरी स्थित जाफर कॉलोनी की सभी गलियों में कुल 48 क्लोज सर्किट कैमरे लगाये गए हैं। ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के सदस्य नौशेर ने बताया कि चाक-चौबंद सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने निजी खर्चे पर ये सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। सीसीटीवी कैमरे का उद्घाटन मसूरी थाना प्रभारी रविंद्र पंत तथा ब्लाक प्रमुख पति राहुल चौधरी ने संयुक्त रूप से किया। इंस्पेक्टर रविंद्र चंद्र पंत ने बताया कि सीसीटी कैमरे लगने से अपराधियों की पहचान करने में पुलिस को भी मदद मिल सकेगी।
उधर पिपलैड़ा स्थित जाकिर कॉलोनी के मेन रास्तों, बिलाल मस्जिद के पास की गलियों, मेन रोड के पेट्रोल पंप क्षेत्र और बसरा कॉलोनी के मेन रास्तों पर भी हिडन कैमरे लगाए गए हैं। क्षेत्र वासियों का मानना है कि जो अपराधी अब तक ऊपर वाले से नहीं डरता था वह कैमरे से डरने लगता है। क्लोज़ सर्किट टीवी के इन कैमरों डीवीआर की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए कैमरो को ऑनलाइन क्लाउड पर स्टोर किया जाएगा। इसकी मदद से पुलिस कहीं भी रहकर कॉलोनियों और मोहल्लों की सुरक्षा जांच कर सकेगी। इसके लिए बाकायदा वाईफाई कनेक्शन की व्यवस्था भी की गई है।