संकुल बैठक में अध्यापकों ने लिए निपुण प्रोफिशिएंसी के गुरु मंत्र
मसूरी। क्लस्टर बैठक में अध्यापकों ने केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित बेसिक शिक्षा विभाग की की महत्वकांक्षी योजना निपुण भारत अभियान पर अपने एक्सपीरियंस साझा किए। अध्यापकों ने इस अभियान के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को उजागर करते हुए उनके निराकरण के लिए भी सुझाव दिए।
निपुण के उद्देश्यों पर अपने विचार साझा करते हुए ढबारसी स्थित कमपोजिट स्कूल की अध्यापिका माया रानी ने कहा कि निपुण शब्द वास्तव में एक एक शॉर्ट फॉर्म है। इसका अर्थ होता है- नेशनल इनीशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमैरेसी अर्थात संख्यात्मक ज्ञान के साथ पठन-पाठन में निपुणता के लिए राष्ट्रीय पहल। कहा गया कि निपुण भारत अभियान बच्चों के समग्र विकास की एक पहली कड़ी है। कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कर रही एकेडमिक रिसोर्स पर्सन डॉ० रश्मि दुबे ने अध्यापकों को शिक्षण डायरी भरने, पाठ योजनाएं तैयार करने और निपुण संदर्शिकाओं में ट्रैकर फ़िल करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गुरु मंत्र दिए। उन्होंने साप्ताहिक आंकलन ट्रैकर, सावधिक आंकलन ट्रैकर और वार्षिक ट्रैकर संकुल शिक्षक धरांशु सिंह ने वर्क बुक और ट्रैकर्स के साथ ही शिक्षक डायरी के कॉन्बिनेशन पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की बात कही। प्रधान शिक्षिका रमा मिश्रा ने विद्यालय कार्य योजना निर्माण की जानकारी दी। अध्यापकों की ओर से टीम ढबारसी, टीम नेता गढ़ी, टीम निडोरी, टीम मसौता, नाहल, कुशलिया, निगरावठी, गौड़पुरम, मसूरी, अकिलपुर, समय पुर, ताज कॉलोनी और बबल गढ़ी आदि ने आकर्षक टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल का प्रेजेंटेशन भी दिया।कार्यक्रम का संचालन संकुल प्रभारी डॉ मुहम्मद सलीम ने किया। नवनियुक्त एकेडमिक रिसोर्स पर्सन शैलजा राजन ने कक्षा कक्ष के बोर्ड पर शिक्षण योजना का संक्षिप्त ब्यौरा अंकित करने की सलाह दी। इस अवसर पर संकुल शिक्षकों डॉक्टर देश दीप, मोहम्मद हारून, धरांसू सिंह और गुरदीप सागर के साथ ही डेढ़ दर्जन बेसिक परिषदीय स्कूलों के अध्यापकों ने प्रतिभाग किया। हाजी फजर मोहम्मद, सीमा वर्मा, अयाज़ अली, योगेश कुमार, शौकीन, विभा पांडे और गुलफ़ाम अली आदि अध्यापकों ने अपने विचार व्यक्त किए।