ठिठुरते हुए बच्चों के लिए स्कूल में लगाए अलाव, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष का अनोखा विरोध प्रदर्शन

        ग़ाज़ियाबाद। जम्मू कश्मीर और हिमांचल में भारी बर्फ़बारी के बाद समूचा उत्तर भारत भीषण ठंड की चपेट में आ गया है। ऐसे में उन्हें- मुन्ने को स्कूल जाने में और कक्षा कक्षों में भी नीचे फ़र्श पर बैठने में घोर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

     हालांकि स्थानीय स्तर पर व्यवस्था करते हुए प्रदेश भर के दर्जनों जिलाधिकारियों ने अपने स्तर पर समय में बदलाव करते हुए विद्यालय संचालन के निर्धारित समय 6 घंटे से कम करके 4 से 5 घंटे कर दिया है। सीमित संसाधनों के बीच परिषदीय स्कूलों में आने वाले बच्चों के लिए सही व्यवस्था ना होने के कारण ठिठुरन भरी सर्दी में बच्चे सुबह सवेरे ही स्कूल आने के लिए मजबूर हैं। बताया गया है कि परिषदीय स्कूलों में बच्चों का समय सुबह 9:00 से 3:00 तक प्रस्तावित था। मजेदार बात यह है कि साधन विहीन सरकारी स्कूलों में बच्चों का समय जिलाधिकारी गाजियाबाद राकेश कुमार सिंह ने  भी वही 9:00 से 3:00 के बीच रखते हुए एक नया आदेश पारित किया है। शिक्षक नेताओं ने जिलाधिकारी ग़ाज़ियाबाद के इस नए आदेश पर निराशा व्यक्त की है।
       प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बच्चों के साथ स्कूल में ही है अलाव लगाकर अपना रोष व्यक्त किया है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि ठिठुरन भरी ठंड में जिलाधिकारी ग़ाज़ियाबाद द्वारा पूर्व निर्धारित टाइम को न बदलने के चलते दूरदराज के गांवों के स्कूलों की कक्षाओं में नीचे फर्श पर बैठने वाले बच्चे विभिन्न प्रकार की बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।
   शिक्षक नेताओं का कहना है कि समय परिवर्तन से प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को तो लाभ हो सकता है। किंतु संसाधनों के अभाव में नीचे फर्श पर बैठने वाले सरकारी स्कूलों के बच्चों को इस नए आदेश से निराशा ही हाथ लगी है।

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