सुरूचिपूर्ण वातावरण से ही ठहराव संभव है, राष्ट्र निर्माण के एक मज़बूत स्तंभ होने के नाते अध्यापक को अधिक सजग रहना होगा
हापुड़। टीएलएम वर्कशॉप में तैयार किए गए ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों ने तीन दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन डाटा हैंडलिंग की बारीकियां जानीं। ज़िला स्तरीय संदर्भदाताओं ने "वन ऑन वन कॉरेस्पॉडेंस कार्यक्रम" के अंतर्गत वस्तुओं का मिलान करना भी सिखाया।
ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रवक्ताओं ने प्रतिभागी प्रशिक्षणार्थियों से कार्यशाला का फ़ीडबैक भी प्राप्त किया। कार्यशाला के अंतिम क्षणों को यादगार बनाने के लिए प्रशिक्षु अध्यापकों द्वारा मनमोहक, रंगारंग और लुभाने कार्यक्रम प्रस्तुत कर सदन का ज्ञानवर्धक मनोरंजन किया गया। तीन दिवसीय टीएलएम निर्माण कार्यशाला में नोडल संकुल अध्यापकों ने निपुण भारत योजना के अंतर्गत बाल वाटिका के बच्चों के लिए टीचिंग लर्निंग मैटेरियल निर्माण के गुर सीखे। ज़िला स्तर पर इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने के बाद मॉडल क्लस्टर टीचर्स अपने ब्लॉक के सभी प्राइमरी स्कूलों के अध्यापकों को टीचिंग लर्निंग मैटेरियल निर्माण करने के तरीके सिखाएंगे। ज़िला स्तरीय संदर्भ दाता नीरज खटाना ने आज शिक्षार्थियों को कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए।कार्यक्रम के दौरान डायट प्रवक्ता पूनम सिंह ने भी अपने एक्सपर्ट व्यूज़ साझा किए। वरिष्ठ प्रवक्ता व प्रशिक्षण प्रभारी सचिन कसाना ने अध्यापकों का आह्वान किया कि वो पठन-पाठन की प्रक्रिया को अपने पास संजो कर रखें। उनका कहना था कि करंट अफ़ेयर और विभागीय सूचनाओं से अनभिज्ञ रहना एक राष्ट्र निर्माता के लिए घातक हो सकता है।
इस अवसर पर सबीहा सुल्तान, ऋचा सिंह, प्रदीप यादव, पूजा गौतम, एम०सलीम, मोनिका त्यागी, अनीता यादव, पूजा मलिक, रीनू चौधरी, गीता रानी, मंजू रावत और अंजूषा आदि ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।