टीएलएम निर्माण कार्यशाला के पहले दिन अध्यापक बने छात्र, बनाए आकर्षक मास्क
हापुड़। नोडल क्लस्टर शिक्षकों को टीचिंग लर्निंग मैटेरियल निर्माण के गुर सिखाने की योजना है। तीन दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन ग़ाज़याबाद हापुड़ ज़िले के चयनित 49 नोडल क्लस्टर अध्यापकों ने शिक्षा विभाग की महत्वकांक्षी योजना निपुण भारत के अंतर्गत बाल वाटिका के बच्चों के लिए टी एल एम और बिग बुक निर्माण की विधि सीखी है।
सीमैट इलाहाबाद से प्रशिक्षण प्राप्त संदर्भ दाताओं नीरज खटाना और आरती वर्मा ने रुचि पूर्ण शिक्षा प्रशिक्षण के अंतर्गत आज शिक्षक संकुलों को लोगोग्राफी, टीएलएम निर्माण, प्रिंट रिच एनवायरमेंट की अवधारणा, तुकान्त शब्दों वाली छोटी कविताएं, फ्लैशकार्ड्स, बिग बुक और पांच उंगलियों वाला नियम ग्रो बाय (GROW By) सिखाया। डाइट प्राचार्य जितेंद्र कुमार मलिक के निर्देशन और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षण प्रभारी सचिन कसाना के नेतृत्व में क्लस्टर अध्यापकों ने रुचि पूर्ण शिक्षा के महत्व को भी जाना। मालूम हो कि जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर ग़ाज़ियाबाद जिले के 25 मॉडल क्लस्टर टीचर्स अपने ब्लॉक स्तर पर बाल वाटिका का शिक्षण कार्य कर रहे सभी स्कूली अध्यापकों को प्रशिक्षित करेंगे। डायट के प्रशिक्षण प्रभारी एवं वरिष्ठ प्रवक्ता सचिन कसाना ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में रूचि पूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इस अवसर पर मुहम्मद सलीम, ऋचा सुल्तान, गीता रानी, पूजा गौतम, सबीहा सुल्तान, अंशु सिंह, अनीता, रिंकी, आरती अग्रवाल, अंजू सैनी, सत्येंद्र, ओजस्विनी और दिनेश कुमार आदि संकुल शिक्षकों ने आकर्षक मुखोटे बना कर अपने बचपन को याद किया।