निरीक्षण के समय अध्यापकों की भी सुनीं जाएं समस्याएं, आज के भ्रष्ट युग में भी ईमानदार छवि का कर्मचारी है शिक्षक

     बहराइच। शिक्षकों के औचक निरीक्षण के फैसले पर अध्यापकों, शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।

    अध्यापक नेताओं का कहना है कि शासन-प्रशासन को चाहिए कि शिक्षकों के लेट होने का मूल कारण जानने का प्रयास करें। शिक्षकों की ओर से कहा जा रहा है कि निरीक्षण के समय तमाम बिंदुओं में एक बिंदुओं के साथ-साथ उनकी समस्याओं का भी निरीक्षण किया जाना चाहिए। विद्यालय पक्की सड़क से जुड़े हैं कि नहीं, किताबें पहुंची हैं कि नहीं, फ़र्जी शिक्षक कैसे नियुक्त होते हैं, असामाजिक तत्व विद्यालय से बाहर हुए कि नहीं, बिजली स्कूलों में पहुंचती है कि नहीं, प्रधान और सेक्रेटरी के साथ ही सामुदायिक सहभागिता भी विद्यालय को क्यों नहीं मिल रही है आदि आदि बिंदु भी निरीक्षण में सम्मिलित किए जाने चाहिए। 

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