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जुलाई, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सामने आ रहा है अध्यापकों का डर,

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         लखनऊ: परिषदीय विद्यालयों में एक सप्ताह चले निरीक्षण अभियान में कुल 3901 शिक्षक गायब मिले हैं, उन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण अभियान 30 जुलाई तक चलता रहेगा। हांलांकि निरीक्षण में अधिकारियों का कुछ पक्षपात सामने आ गया है, क्योंकि छह माह में 69,591 यानी करीब आधे विद्यालयों का एक भी निरीक्षण नहीं किया गया। विभाग का मानना है कि साफ़ है कि अधिकारी चुनिंदा विद्यालयों में ही बार-बार निरीक्षण कर रहे हैं तब भी शिक्षक ग़ायब मिल रहे हैं।        डीजी स्कूल एजुकेशन विजय किरन आनंद ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए), मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक व खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को कड़ा पत्र लिखा कर कहा है कि जिलों, विकासखंडों की व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है, शिक्षकों का शोषण होने की निरंतर शिकायतें मिल रही हैं। कहा गया है कि इस संबंध में कई बार निर्देशित किया जा चुका है अब अंतिम चेतावनी दी जा रही है कि निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करें अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। छह माह में 69,591 विद्यालयों का एक बार भी निरीक्षण ...

महंगा पड़ा एडवांस में साइन करना, पूरे माह का वेतन हुआ फुर्र

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        एटा। जिले के ब्लॉक सकीट क्षेत्र के गांव थरौली स्थित कंपोजिट विद्यालय में तैनात एक शिक्षामित्र ने उपस्थिति रजिस्टर पर एडवांस में ही उपस्थिति के हस्ताक्षर कर दिए। इसकी जानकारी होने पर बीएसए ने रजिस्टर को तलब कर लिया और संबंधित शिक्षामित्र के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए उसका एक माह का मानदेय रोका दिया है।       कंपोजिट विद्यालय थरौली में कार्यरत शिक्षामित्र ममता देवी द्वारा उपस्थिति रजिस्टर पर सोमवार के कॉलम में शनिवार के दिन ही एडवांस हस्ताक्षर कर दिए गए थे। रजिस्टर पर अग्रिम हस्ताक्षर होने की जानकारी होने पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने रजिस्टर को तलब कर लिया। बीएसए ने शिक्षामित्र से रजिस्टर पर एडवांस में हस्ताक्षर करने का कारण पूछा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका।          जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि कंपोजिट विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र ममता देवी द्वारा रजिस्टर पर एडवांस में 25 जुलाई के कॉलम में गलत तरीके से हस्ताक्षर किए गए हैं। हस्ताक्षर करते समय शिक्षा मित्र ने फर्जी तरीके से अपनी उपस्थि...

निरीक्षण के समय अध्यापकों की भी सुनीं जाएं समस्याएं, आज के भ्रष्ट युग में भी ईमानदार छवि का कर्मचारी है शिक्षक

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      बहराइच।  शिक्षकों के औचक निरीक्षण के फैसले पर अध्यापकों, शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।     अध्यापक नेताओं का कहना है कि शासन-प्रशासन को चाहिए कि शिक्षकों के लेट होने का मूल कारण जानने का प्रयास करें। शिक्षकों की ओर से कहा जा रहा है कि निरीक्षण के समय तमाम बिंदुओं में एक बिंदुओं के साथ-साथ उनकी समस्याओं का भी निरीक्षण किया जाना चाहिए। विद्यालय पक्की सड़क से जुड़े हैं कि नहीं, किताबें पहुंची हैं कि नहीं, फ़र्जी शिक्षक कैसे नियुक्त होते हैं, असामाजिक तत्व विद्यालय से बाहर हुए कि नहीं, बिजली स्कूलों में पहुंचती है कि नहीं, प्रधान और सेक्रेटरी के साथ ही सामुदायिक सहभागिता भी विद्यालय को क्यों नहीं मिल रही है आदि आदि बिंदु भी निरीक्षण में सम्मिलित किए जाने चाहिए। 

कांवड़ यात्रा के चलते रूट डायवर्जन में फंसे ट्रक ड्राइवरों के लिए जामा मस्जिद की ओर से किया गया खाने का इंतजाम

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                ग़ाज़ियाबाद। थाना मसूरी  ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर खड़े ट्रकों के ड्राइवर और कंडक्टर को खाना देने के लिए कल्लू गढ़ी के लोगों ने पहल की है। कावड़ यात्रा के चलते प्रशासन की ओर से रूट डायवर्जन किया गया था इसी कारण लंबी दूरी तय करने वाले ट्रकों का जमावड़ा नेशनल हाईवे पर हो गया है। इन ट्रकों में जो कंडक्टर ड्राइवर पिछले कई दिनों से हाईवे पर रास्ता बंद होने की वजह से एक ही जगह पर रुके हुए हैं के लिए डासना की कल्लू गढ़ी की जामा मस्जिद की तरफ से ट्रक ड्राइवरों और कंडक्टरों को खाना और पानी की व्यवस्था की गई है।         मुसाफिरों और राहगीरों को भोजन पानी की सुविधा देते हुए लोगों का कहना है जो भी हाईवे पर रहागीर आ रहा है हम उनको भी खाना पानी दे रहे हैं जिससे लोगों को परेशानी नहीं हो और हमें खिदमत का मौका मिले जामा मस्जिद की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हम लोग आने वाले 3 दिनों तक खाना और पानी लोगों को देंगे

स्कूलों की सघन चेकिंग के पहले दो दिनों में ही 4 अध्यापक रोड एक्सीडेंट का हुए शिकार

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       लखनऊ। शिक्षक को जब तक कर्मचारी मान कर छापामार कार्यवाही करते हुए अनावश्यक बदनाम, अपमानित और शोषित किया जाएगा विश्व गुरु तो छोड़िए आज की स्थिति ही बनी रहे ये भी बेहद मुश्किल है । हो गयी सघन चेकिंग..????चेकिंग का पहला दिन और ले ली जान किसी परिवार के सबसे अहम सदस्य की। अब शायद कल ही बेसिक से विश्व-गुरु बनने लायक बच्चे शिक्षा प्राप्त करेंगे। सिवाय आंकड़ेबाजी के,इस सघन चेकिंग का कोई उद्देश्य नहीं रहा कभी।लेकिन देखकर दुःख होता है कि एक 35 वर्षीय शिक्षक की जान चली गयी। उसका पूरा परिवार बिखर गया।वो सड़क पर बिखरा सा पड़ा रहा,उसे अब कभी देरी न होगी विद्यालय के लिए।वो चला गया इस शोषित विभाग से दूर। आज मानवीय संवेदनाओं को कुचलते हुए चेकिंग करते वक़्त 1 मिनट की देरी पर भी कार्यवाही की गई।        सोचनीय शर्म है इस पूरे सिस्टम पर जो सिर्फ  एक टारगेटेड विभाग पर किसी अपराधी की भांति व्यवहारित करते हुए बाज की तरह टूटता है।दिलचस्प बात ये है कि चेक करने वाले लोग स्वयं आज तक कार्यालय समय से नहीं पहुँचे होंगे कभी लेकिन अपनी गाथाओं की दुदिम्भिनी ऐसे बजायेंगे मान...

बीएसए की जांच में 5 बीएलओ का कटा वेतन, जारी रहेगी लापरवाह शिक्षकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई

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        ग़ाज़ियाबाद। जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षक यदि स्कूल से गा़यब रहेंगे, तो बच्चों का भविष्य कैसे बदलेगा। स्कूलों में तैनात शिक्षक विद्यालय अवधि में उपस्थिति पंजिका पर अपना हस्ताक्षर बनाकर स्कूल से गायब हो जाते हैं। एक ओर जहां सरकार परिषदीय स्कूलों शिक्षा व्यवस्था के सुधार को लेकर कार्य कर रही है। वहीं जिले के कुछ शिक्षक शिक्षा के मंदिरों को अपना रोजगार बनाकर सरकार की आंख में धूल झोंकने का काम कर रहे है। सरकार की मंशा है कि यूपी के हर जिले में शत प्रतिशत बच्चे पढ़ाई से वंचित लाभान्वित हों। उनके लिए सरकार से लेकर प्रशासन तक कवायद में जुटा है। वहीं, दूसरी ओर कुछ सरकारी स्कूलों का हाल यह है कि एक तो टीचर समय से स्कूल नहीं आते हैं। अगर आ भी जाए तो स्कूल में नहीं टिकते।        मगर इन शिक्षकों को सरकार से मिलने वाली अच्छी खासी सैलेरी की तारीख़ और समय ज़रुर याद रहता है। इस बात की पुष्टि जब हुई जब बीएसए के निरीक्षण में पांच सहायक अध्यापक स्कूल से अनुपस्थित पाए गए।...

पठन-पाठन के ख़राब स्तर से नाराज़ बेसिक शिक्षा अधिकारी ने की अध्यापकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई

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        जौनपुर। एक ओर सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प हो रहा है। वहां कांवेंट की तर्ज़ पर पढ़ाई का दावा किया जा रहा है           लेकिन विद्यालयों में शिक्षा स्तर की सच्चाई कुछ और ही सामने आ रही है। दरअसल, बीएसए दो विद्यालय में क्लास ले रहे थे। जहां कक्षा आठ के बच्चे हिंदी नहीं पढ़ पाए। इसी तरह एक और परिषदीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों में पठन-पाठन का स्तर बेहद ही ख़राब मिला।         बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. गोरखनाथ पटेल ने बदलापुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मिरशादपुर में 11:25 बजे निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान विद्यालय में नामांकित 321 छात्र संख्या के सापेक्ष 178 बच्चे उपस्थित रहे। छात्रों की उपस्थिति कम होने पर नाराज़गी जताई। विद्यालय में सफाईकर्मी के नहीं आने से काफ़ी गंदगी पाई गई। जिस पर बीएसए ने जिला पंचायत राज अधिकारी से फोन करके मामले की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, इसी परिसर में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान अनुदेशक सुमन यादव अनुपस्थित पाई गई। कमरों में साफ-सफाई न होने से काफ...

नारी शक्ति को बल देने वाले मीना मंच को बताया व्यक्तित्व विकास का प्रमुख टूल

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           ग़ाज़ियाबाद।   मीना मंच सुगमकर्ताओं की कार्यशाला में बालिकाओं के समुचित उत्थान, विकास की योजनाओं और शिक्षा पर विस्तार से चर्चा की गई।              ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन रज़ापुर के बीआरसी कार्यालय पर किया गया। कार्यशाला में मीनामंच  के अंतर्गत कीबल देने के लिए जाने वाली गतिविधियों और क्रियाकलापों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर शुभम करता हूं और शिक्षिकाओं को आगामी वर्ष में की जाने वाली मीना गतिविधियों की कार्ययोजना पर चर्चा परिचर्चा भी की गई। खण्ड शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार ने भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना निपुण भारत मिशन व प्रदेश सरकार की विशिष्ट योजना DBT इत्यादि विषयों की बारीकियों को शेयर किया।          एसआरजी पूनम शर्मा ने मीना मंच कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे हम अपने छात्रों के व्यक्तित्व का विकास कर सकते हैं। उन्होंने ग्रुप टिप्स देते हुए निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को कंठस्थ करने का आसान तरीका भी बताया। ब्लॉक जे...

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