केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 35% तक का हो सकता है इज़ाफ़ा।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों के फिटमेंट फैक्टर को लेकर सरकार विचार कर रही है।
केंद्रीय कर्मचारियों के फिटमेंट फैक्टर को केंद्रीय कैबिनेट से इसी सप्ताह मंजूरी मिल सकती है। कैबिनेट के अप्रूवल के बाद इसे एक्सपेंडीचर में शामिल कर दिया जाएगा। अगर न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपए से बढ़कर 26,000 रुपए हो जाती है, तो कर्मचारियों के हाथ आने वाला मंहगाई भत्ता भी बढ़ जाएगा। वर्तमान में महंगाई भत्ता बेसिक वेतन के 31 फीसदी के बराबर है। डीए का कैलकुलेशन डीए की दर को बेसिक पे से गुणा करके निकाला जाता है, यानी बेसिक वेतन बढ़ने से महंगाई भत्ता भी बढ़ जाएगा। अगर ऐसा होता है तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 8,000 रुपये की बढ़ोतरी होगी। हालांकि ये बढ़ोतरी न्यूनतम वेतन वालों के लिए होगी। अधिकतम सैलरी वालों को यह इज़ाफ़ा और अधिक होगा। केन्द्र सरकार के कर्मचारी संगठन की ओर से महंगाई भत्ता (DA) बढ़ोत्तरी की भी मांग की जा रही है। वहीं AICPI इंडेक्स के आंकड़ों के मुताबिक अनुमान है कि बढ़ोत्तरी 3 प्रतिशत की हो सकती है। क्योंकि इसके नवंबर के आंकड़े सामने आए हैं, जो 125 तक हैं। अगर ऐसा ही इंडेक्स दिसंबर में भी रहता है तो कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 फीसद का और इज़ाफ़ होगा। यानी कि वर्तमान डीए 31 प्रतिशत में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ कुल डीए 34 फीसद होगा।