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जनवरी, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

शिक्षकों का रिपोर्ट रिकॉर्ड, और गोपनीय रिपोर्ट पर मिलेगा प्रमोशन: बईईओ होंगे निरीक्षणकर्ता

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            लकनऊ।  परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को अब उनके रिकार्ड के आधार पर तरक्की यानि प्रमोशन सहित अन्य सुविधा मिलेंगी। नौ पैरामीटर्स पर शिक्षकों को ज्यादा से ज्यादा अंक जुटाने होंगे। बीईओ स्कूलों में जाकर निरीक्षण करेंगे और फिर इसके बाद शिक्षकों को अंक मिलेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिकण गुणवत्ता के ढांचे को सुधारने के लिए शासन पूरी तरह से प्रयासत है। इसके लिए शिक्षकों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ उनके लिए प्रशिक्षण चल रहे हैं। मगर अब शासन ने शिक्षकों के लिए नौ पैरामीटर्स तय किए हैं, जिनमें शिक्षकों को अंक दिए जाएंगे और उनके आधार पर शिक्षकों को तरक्की दी जाएगी। बीईओ ब्लॉकों में निरीक्षण कर शिक्षकों के कार्यों की रिपोर्ट लेंगे और फिर उसके आधार पर अंक देंगे। इसमें स्कूलों की शैक्षिणक गुणवत्ता, छात्रों की उपस्थिति, स्कूलों की साफ़-सफ़ाई सहित अन्य व्यवस्थाएं होंगी। इसके अलावा शिक्षकों की गोपनीय रिपोर्ट भी शामिल होगी। बीएसए द्वारा भी शिक्षकों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएंगा और फिर अंतिम रिपोर्ट ल...

50% उपस्थिति की व्यवस्था हुई समाप्त, दिव्यांग और गर्भवतीयों को छोड़कर अब सभी आएंगे कार्यालय/स्कूल

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          लखनऊ: सरकारी रिकॉर्ड में   कोरोना संक्रमण कम होने के कारण अब सरकारी दफ्तरों में सभी कर्मचारियों को ड्यूटी पर आना होगा। सिर्फ़ गर्भवती महिलाओं व दिव्यांग कर्मचारियों को ही दफ्तर आने से छूट रहेगी। अभी तक एक दिन में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही कार्यालय बुलाया जा रहा था।        मंगलवार को मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की ओर से आदेश जारी कर वर्क फ्राम होम की व्यवस्था ख़त्म कर दी गईं। 13 जनवरी को आदेश जारी कर समूह ख, समूह ग और घ के 50 प्रतिशत कर्मियाँ को कार्यालय बुलाए जाने और 50 प्रतिशत कर्मियों के घर से ही काम करने के आदेश जारी किए गए थे। अब संक्रमण कम हो चुका है ऐसे में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति की व्यवस्था फिर लागू कर दी गई है। गर्भवती महिलाओं और दिव्यांग कर्मियाँ को मोबाइल फोन आन रख कर वर्क फ्रॉम होम की इजाजत होगी। आवश्यकतानुरूप इन्हें भी कार्यालय बुलाया जा सकता है।

सत्ता में आने पर करेंगे पुरानी पेंशन बहाल, वित्त विशेषज्ञों से ले ली है राय, अपने बूते पर ही कर लेंगे धन की व्यवस्था - अखिलेश यादव

        ग़ाज़ियाबाद। पुरानी पेंशन योजना को लागू किए जाने की घोषणा से कर्मचारी संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। 

शिक्षिकाओं की पीठासीन के रूप में चुनाव ड्यूटी पर भड़के शिक्षक नेता, बताया निजता का हनन

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          ग़ाज़ियाबाद। विधानसभा चुनाव में अललटप्प ड्यूटी से शिक्षक संघ तिलमिला गया है। महिला शिक्षिकाओं की पीठासीन अधिकारी के रूप में ड्यूटी लगाए जाने से शिक्षक नेताओं में रोष है। बताया जाता है कि मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगाते समय ना तो आयु वर्ग का ख़्याल रखा गया है और न ही वेतन ग्रेड का। मानवीय त्रुटि की हद तो यह है कि नियुक्ति और आयु में अन्यों से जूनियर महिलाओं को भी प्रीज़ाईडिंग ऑफीसर बना दिया गया है। जबकि पुरुषों और वेतनमान में अपेक्षाकृत अधिक वरिष्ठ अध्यापकों को प्रथम मतदान अधिकारी बनाया गया है।          उत्तर प्रदेश शिक्षक संघ की ग़ाज़ियाबाद जिला इकाई के अध्यक्ष दीपक शर्मा और कोषाध्यक्ष डॉक्टर देश दीप के साथ महानगर इकाई के अध्यक्ष अमित स्वामी और मंत्री लईक़ अहमद ने रिटर्निंग ऑफि़सर और मुख्य विकास अधिकारी को अलग-अलग ज्ञापन देकर महिला शिक्षिकाओं को पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है। शिक्षक नेताओं का तर्क था कि पीठासीन अधिकारी को पोलिंग बूथ पर ही रात्रि विश्राम करना अनिवार्य होता है। उन्होंने याद दिलाया कि मतदान ...

विधानसभा निर्वाचन-2022: प्रथम मतदान अधिकारी के कार्य एवं कर्तव्य

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      ग़ाज़ियाबाद। प्रथम मतदान अधिकारी का मुख्य कार्य मतदाता की पहचान करना और मतदाता सूची की चिन्हांकित  प्रति का उत्तर दायित्व है। पीठासीन अधिकारी की अनुपस्थिति में उसे पीठासीन अधिकारी के समस्त कार्यों का संपादन भी करना होगा।     • प्रथम मतदान अधिकारी निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रति का प्रभारी होगा और मतदाता की पहचान के लिये उत्तरदायी होगा।    • मतदान स्थल में प्रवेश करने पर मतदाता सीधे प्रथम मतदान अधिकारी के पास ही जायेगा जो पहचान के बारे में अपना समाधान करेगा।    • मतदाता की पहचान सुनिश्चित हो जाने पर लाल स्याही से सम्बन्धित पुरुष मतदाता के विवरण बाक्स में तिरछी रेखा खींचेगा महिला मतदाता की स्थिति में लाल स्याही से बाक्स के ऊपरी हिस्से में बायी तरफ अंकित मतदाता क्रमांक को गोल भी करेगा।    • मतदान की समाप्ति पर कुल डाले गए वोट में महिला व पुरुष वोटरों की संख्या अलग अलग बताना|     ए०एस०डी० मतदाता यदि मतदाता निर्वाचक नामावली में किसी मतदाता के आगे अनुपस्थित (एबसेन्ट) कहीं और निवासित (शिफ्टेड), मृत (डेड) अंकित है तो ...

विधान सभा निर्वाचन-2022: मतदान के समय पोलिंग ऑफीसर्स के उपयोगार्थ

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      ग़ाज़ियाबाद। चुनाव प्रशिक्षण का मुख्य सार यह है कि ई०वी०एम० एवं वी०वी०पैट से भलीभंति परिचित हो लें तथा इनका व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर लें।    सांविधिक और असांविधिक के विभिन्न प्रपत्रों की जानकारी एवं हस्तपुस्तिका को अन्तिमरूप से पढ़ लें।     मतदान के एक दिन पूर्व रवानगीं स्थल पर-  यह सुनिश्चित करें कि आपको प्राप्त बैलेट यूनिट तथा कट्रोल यूनिट आपकी मतदेय स्थल की ही है। मतदेय स्थल का नाम व नम्बर तथा उसकी स्थिति एवं नियुक्ति आदेश को सावधानीपूर्वक जांच लें। पेपरसील की क्रम संख्या को चेक कर उसका नम्बर नोट कर लें। चुनाव अभिकर्ता / प्रत्याशी के नमूना हस्ताक्षर प्राप्त कर लें, जो मतदेय स्थल पर चुनाव अभिकर्ता के नियुक्ति पत्र पर किये गयें।   निर्वाचन सामग्री- अपने मतदान स्थल से सम्बन्धित काउन्टर से अपने बूथ की समस्त सामग्री प्राप्त कर चेक लिस्ट से मिलान करें, जैसे: 1. ई०वी०एम० (बी.यू. सी.यू. वी.वी. पैट) 2. निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रति 3. निर्वाचक नामावली वर्किंग प्रति 4. टेन्डर मत पत्र 5. ग्रीन पेपर सील 6. स्ट्रिप सील, पिंक पेपर सील 7....

बजट में उपकर, अधिभार हटाकर आयकर ढांचे को सरल बनाने की जरूरत : पूर्व वित्त सचिव

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        नयी दिल्ली। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने सरकार को सुझाव दिया है कि आगामी बजट में नौकरीपेशा और आम लोगों को राहत देने के लिये चार कर दरों का एक सरल आयकर ढांचा लागू किया जाए और विभिन्न उपकरों तथा अधिभार को समाप्त कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह राज्यों के लिये भी न्यायसंगत होगा। गर्ग ने यह भी कहा कि वित्त मंत्री के लिये मुख्य चिंता 2022-23 के बजट में राजकोषीय घाटे को सामान्य स्तर पर लाने के साथ-साथ बढ़ती खाद्य और उर्वरक सब्सिडी को काबू में लाने की होगी।      गर्ग ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘मौजूदा स्थिति में कर ढांचा जटिल है। कई सारे उपकर, अधिभार, कर की दरें और स्लैब हैं। इसके अलावा छूट के बिना कम दर पर कर देने की सुविधा या छूट के साथ सामान्य दर पर कर के भुगतान की व्यवस्था ने करदाताओं के लिये कर संरचना को जटिल बना दिया है।’’      उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में यह बेहतर होगा कि सरकार चार दरों का एक सरल आयकर ढांचा लागू करे और उपकरों तथा अधिभारों को समाप्त करे। यह राज्यों के लिये भी न्यायसंगत होगा।’’     ...

केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 35% तक का हो सकता है इज़ाफ़ा।

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        नई दिल्ली। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों को बड़ा तोहफ़ा मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार कर्मचारी संगठनों की लंबित मांग को स्वीकार करते हुए सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी करने जा रही है। केन्द्र सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने पर विचार कर रही है। बताया जाता है कि विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र कर्मचारी संगठनों की लंबित मांग के अनुरूप केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सेलेरी 18,000 रुपए की जगह 26 हजार रुपए की जा सकती है। केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर भी बढ़ाया जा रहा है। गौरतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों की सेलरी बढ़ाने के लिए फिटमेंट फैक्टर का ही इस्तेमाल होता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्मचारी संगठन इस मामले में सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे जिसके बाद संभावना है कि न्यूनतम सैलरी में बड़ा इज़ाफ़ा किया होगा। अगर मोदी सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाती है, तो कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन यानी बेसिक सेलरी बढ़कर 26,000 हो जाएगी। अगर बजट से पहले ही इसे कैबिनेट की मंजूर...

आप घंटे भर में निकाल सकते हैं पीएफ़ खाते से अपना पैसा

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          नई दिल्ली। कोरोना संकट के दौर में यदि आप किसी मेडिकल इमर्जेंसी में फंस गए हैं तो कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से घंटेभर के भीतर एक लाख रुपये तक निकाल सकते हैं। ईपीएफ़ओ ने जानकारी दी है कि उसके सदस्य बिना दस्तावेज़ जमा किए यह सुविधा ले सकते हैं।     इसके लिए कर्मचारी के परिवार का मरीज़ सरकारी अस्पताल में भर्ती होना चाहिए। अगर इमरजेंसी में प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है तो इस बारे में जांच की जाएगी। इसके बाद ही आप मेडिकल क्लेम के लिए आवेदन भर सकते हैं। ऐसे करें आवेदन: ● ऑनलाइन सेवाओं पर क्लिक करें, ● अब क्लेम (फॉर्म -31,19,10 सी एवं 10 डी) भरना होगा, ● अपने बैंक खाता के आख़र के 4 अंक भरकर वेरिफ़ाई करना होगा ● अब आपको ड्रॉप डाउन से पीएफ़ एडवांस को (फ़ॉर्म-31) सलेक्ट करना है ● आपको कारण भी देना होगा ● इसके बाद आपको राशि दर्ज करनी है और चेक की स्कैन कॉपी भी अपलोड करनी होगी ● अंत में अपना पता भरें। "गेट आधार ओटीपी" पर क्लिक करें और आधार लिंक्ड मोबाइल पर आए ओटीपी को एंटर करें। क्लेम फाइल हो जाएगा।

मिशन प्रेरणा का पाठ्यक्रम हुआ रद्द, अब लागू होगा निपुण भारत मिशन

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        लखनऊ।  आगामी नए सत्र से आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए शैक्षिक गुणवत्ता का मानक तय हो गया है, अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का काम बच्चों को पोषाहार वितरण के साथ ही  तय मानक के अनुरूप गुणवत्ता परक शिक्षा देना भी होगा।    बालबाड़ी के इन बच्चों के लिए 10 तक के अंकों के ज्ञान के साथ आकृतियों की पहचान और घटाने का मानक भी निर्धारित है। सरकार की ओर से मिशन प्रेरणा का नाम बदलकर अब निपुण भारत कर दिया गया है, इसमें कक्षा 01 से 03 तक पाठ्यक्रम के मानक में परिवर्तन हुआ है।     बेसिक शिक्षा विभाग में अभी तक मिशन प्रेरणा के तहत पाठ्यक्रम निर्धारित था, प्रधानमंत्री के निर्देश पर मिशन प्रेरणा का नाम बदलकर निपुण भारत कर दिया गया है, इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी का दर्जा मिला है।    इन आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को 01 से 10 तक के अंकों के ज्ञान के साथ 05 अक्षर के सरल शब्द पढ़ने का पाठ्यक्रम भी निर्धारित है, इसका नाम बाल वाटिका तय किया गया है, इसके पीछे पब्लिक स्कूलों के एलकेजी/यूकेजी के आधार पर कक्षा 01 में प्रवेश...

अध्यापकों को कैशलेस चिकित्सा और बीमा सुविधा न देने पर हाई कोर्ट का सरकार से जवाब तलब

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        इलाहाबाद। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को राज्यकर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा व बीमा सुविधा की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है।           उच्च न्यायालय में परिषदीय शिक्षकों की ओर से डाली गई याचिका में कहा गया कि राज्य कर्मचारियों की तरह परिषदीय विद्यालयों के अध्यापक भी राज्य सरकार के निर्देश पर कोविड- 19 की ड्यूटी कर रहे हैं।   जिला कोविड कंट्रोल रूम से लेकर तमाम प्रकार की महामारी ड्यूटी अध्यापकों से भी कराई जा रही हैं। इसके बावजूद उनको राज्य कर्मचारियों की तरह कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद को जवाब दाखिल करने को कहा।   याचीगण का पक्ष रख रहे अधिवक्ता अनिल सिंह बिसेन का कहना था कि उत्तर प्रदेश सरकार, राज्यकर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा, बीमा कवर व कोविड महामारी के दौरान कार्य करने वाले कर्मचारियों को पचास लाख रुपये तक का बीमा कवर देती है, लेकिन परिषदीय शिक्षकों को ऐसी कोई सुविधा प्राप्त नही...

परिषदीय स्कूलों के छात्र अब पढ़ेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

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        लखनऊ। प्रदेश में सरकारी स्कूलों के   कक्षा छह, सात और आठ के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) शामिल करने की तैयारी की जा रही है। इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के साथ ही उनके कौशल विकास पर भी ज़ोर दिया जाएगा।        जिन खिलौनों से खेलते बचपन बीतता है उन्हीं की तकनीक को प्रारंभिक शिक्षा में ही विद्यार्थी सीखेंगे। अपने आसपास मौजूद तमाम प्रकार की मशीनों जैसे जेसीबी, डस्ट स्वीपिंग व हाइड्रोलिक वाली मशीनों की कार्य प्रणाली, उसके संचालन में प्रयोग होने वाले सिद्धांतों व उनका जीवन में किस तरह प्रयोग हो सकता है, इसे वो जान सकेंगे।      यह बदलाव लगातार हो रहे डिजिटलीकरण की राह को भी आसान करेगा। हालांकि, अभी इसे पाठ्यक्रम में किस तरह शामिल करना है इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।         राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान में कल मंगलवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बच्चों को कैसे पढ़ाना है, अलग- अलग विषयों में किस तरह उनका समावेश किया जा सकता है, इन सभी बिंदु...

दूसरी एसीपी में अब आड़े नहीं आएगा पदोन्नति : 10 व 16 और 26 साल की सेवा पर एसीपी का नियम- राहुल भटनागर

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         लखनऊ। राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों को अब दूसरा एश्योर्ड कॅरिअर प्रमोशन (एसीपी) मिलने में पदोन्नति आड़े नहीं आएगी। शासन ने दूसरी एसीपी पाने के लिए प्रमोशन की तिथि से 10 साल सेवा की शर्त हटा ली है। यानी अब कर्मी अपनी प्रथम नियुक्ति से 16 साल की सेवा पूरी होने पर दूसरी एसीपी पा सकेंगे। इससे कर्मचारियों की बड़ी वेतन विसंगति दूर हो गई है।       मुख्य सचिव वित्त राहुल भटनागर ने बताया कि 10, 16 और 26 साल पर एसीपी के नियम है। पर, दूसरी एसीपी से पहले 10 साल की सेवा की शर्त बड़ी विसंगति की वजह बनी हुई थी। इस विसंगति के चलते कर्मचारी अपने जूनियर कर्मी से कम वेतन पाने लगते थे। शासन ने इस समस्या का समाधान कर दिया है। अब वरिष्ठ कर्मी भले ही एक पदोन्नति पा चुका है उसे 16 साल की सेवा पूरी करने पर दूसरी एसीपी मिल जाएगी। इससे उसका वेतन जूनियर से कम होने जैसी दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि पहली एसीपी व तीसरी एसीपी के संबंध में कई विसंगतियां पहले ही दूर की जा चुकी हैं। दूसरी एसीपी से जुड़ी विसंगति भी अब दूर कर दी गई है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए ह...

कोविड वैक्सीन लगवाने को स्कूल से मिलेगी दो दिन की छुट्टी

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       लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 15 से 18 वर्ष के बीच की उम्र के 1.40 करोड़ किशोरों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने के लिए स्कूल से दो दिन की छुट्टी मिलेगी। सोमवार को किशोरों को वैक्सीन लगाने की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में किशोरों के लिए बने टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किशोरों को टीका लगवाने की तिथि और उसके अगले दिन यानि दो दिन स्कूल से छुट्टी दी जाए ताकि वह मानसिक तनाव से दूर रह कर स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह सचेत रहें।         उत्तर प्रदेश में कल पहले दिन टीका लगवाने को लेकर किशोरों में भारी उत्साह देखने को मिला था। प्रदेश में 2150 से अधिक टीकाकरण केंद्रों पर वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई है। किशोरों को सिर्फ़ कोवैक्सीन ही लगाई जा रही है। फिलहाल कोविन पोर्टल पर घर बैठे आनलाइन पंजीकरण के साथ-साथ टीकाकरण केंद्रों पर भी पंजीकरण कराने की सुविधा दी जा रही है। पहले दिन 1.62 लाख ने कोरोनारोधी टीका लगवाया। उधर, 10 जनवरी से 20 लाख हे...

बेसिक शिक्षक अब सीखेंगे अंग्रेजी व्याकरण की बारीकियां

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         लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग एक लाख साठ हज़ार स्कूलों के क़रीब छह लाख शिक्षक अंग्रेजी व्याकरण की बारीकियां जानेंगे। आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान (ईएलटीआई) के विशेषज्ञ उनके लिए अंग्रेजी व्याकरण और अपठित गद्यांश पर एक हैंडबुक तैयार कर रहे हैं। यह पुस्तक हर समय बेसिक स्कूलों के शिक्षकों के पास रहेगी ताकि अंग्रेजी अध्यापन में कोई मुश्किल न हो।    यह पुस्तिका अंग्रेजी और हिन्दी में होगी। इसे सरल भाषा में तैयार किया जा रहा है। इस पुस्तक में दिए गए अधिकांश उदाहरण परिषदीय स्कूलों की अंग्रेजी की किताबों से लिए गए हैं ताकि शिक्षक आसानी से समझ कर बच्चों को अच्छे से समझा सकें। हैंडबुक में अंग्रेजी व्याकरण की आधारभूत जानकारी रहेगी। जो शिक्षक अधिक अंग्रेजी समझना चाहते हैं उनके लिए उन्नत सामग्री के साथ शिक्षकों के स्व-मूल्यांकन के लिए भी सामग्री रहेगी। पुस्तिका में अंग्रेजी व्याकरण के नियमों की तर्कों के साथ व्याख्या दी जाएगी। इससे न सिर्फ शिक्षकों की अंग्रेजी व्याकरण की समझ बढ़ेगी बल्कि वे बच्चों को अच्छे से पढ़ा सकेंगे।     इलाहाबाद स्थित इंग्लि...

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विशेष दिनों के प्रति जागरूक करते हुए छात्राओं को बांटे सैनिटरी पैड्स

अपराध के बढ़ते ग्राफ़ को कम करने के लिए मोहल्ले और गलियों में लगाए सीसीटीवी कैमरे