"हमारा आंगन- हमारे बच्चे" उत्सव के माध्यम से शिक्षकों ने जानी निपुण भारत योजना की बारीकियां
ग़ाज़ियाबाद, ज़िला स्थित रज़ापुर ब्लॉक क्षेत्र के खण्ड शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार की अध्य्क्षता में बेसिक शिक्षा विभाग ने हमारा आँगन-हमारे बच्चे उत्सव मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बृजभूषण चौधरी ने किया।
इस अवसर पर जिला समन्वयक डॉ राकेश, गौरव त्यागी और डाइट मेंटर शिखा द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बृजभूषण चौधरी ने प्री प्राइमरी शिक्षा की आवश्यकता पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए अध्यापकों को शिक्षा हित की यह योजना एडॉप्ट करने के लिए प्रेरित किया। खण्ड शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी दी। उत्सव में ए आर पी आरती वर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मुख्य बातों पर प्रकाश डाला तो एकेडमिक रिसोर्स पर्सन रेनू चौहान द्वारा बताया गया कि आंगनवाड़ी और बेसिक शिक्षा दोनों विभागों के आपसी समन्वयन और प्रयासों से हम बेसिक शिक्षा विभाग में प्री प्राइमरी एजुकेशन के स्वप्न को साकार कर पाएंगे। संकुल ट्रेनर मुहम्मद सलीम ने निपुण भारत योजना में राज्य का योगदान विषय पर विचार व्यक्त किए। जबकि अंशु सिंह, सबीहा सुल्तान व पूजा गौतम ने निपुण भारत मिशन एवम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष्य में पूर्व प्राथमिक शिक्षा, बुनियादी शिक्षा के उद्देश्य, बालवाटिका, आंगनवाड़ी किट इत्यादि सत्रों का संचालन पीपीटी के माध्यम से किया। संकुल ट्रेनर सबीहा व नोडल शिक्षकों द्वारा एक बाल नाटिका का मंचन किया गया। एस आर जी पूनम शर्मा द्वारा बताया गया कि छात्र के शुरुआती वर्षों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के कौशलों को विकसित करना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिये हम सब यहाँ एकत्र हुए हैं। डायट मेंटर शिखा द्वारा कार्यक्रम का अनुश्रवण किया गया। मंच संचालन ए०आर०पी रेनू चौहान व आरती वर्मा द्वारा सयुंक्त रूप से किया गया। ए आर पी रश्मि दूबे द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर ए आर पी अंशुमान भारद्वाज अमित चौधरी संकुल शिक्षक देशदीप, प्रवीण कुमार, ओमेंद्र तिवारी आंगनबाड़ी सुपरवाइजर रेखा, मीनाक्षी चौहान, विनीता आदि की उपस्थित सराहनीय रही। कार्यक्रम में नोडल शिक्षकों, ऑंगनबाड़ी कार्यकत्रियाों और अभिभावकों सहित लगभग 150 लोगों ने प्रतिभाग किया। तकनीकी सहयोग रमन व आरेख द्वारा किया गया।