त्योहारी सीज़न में भी डेढ़ माह से वेतन न मिलने पर अध्यापकों में रोष
लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के क़रीब चार लाख शिक्षकों को सितंबर महीने का वेतन भुगतान अब तक नहीं हुआ है। त्योहारी सीजन और डायरेक्ट बैंक ट्रांसफ़र स्कीम के तहत बिना सुविधाओं व सीमित संसाधनों के बीच बच्चों का डाटा ऑनलाइन फ़ीड करने में मसरूफ़ अध्यापकों में रोष व्याप्त है। डेढ़ माह से वेतन न मिलने का कारण शासन द्वारा ग्रांट जारी न करना बताया गया है। हालांकि बेसिक शिक्षा निदेशालय ने मौके की नज़ाकत को भांपते हुए अध्यापकों को समय पर वेतन दिलाने के प्रयास तो किया था इसके बावजूद बुधवार को भी शासन से वेतन की ग्रांट जारी नहीं हो सकी।
एक तो त्यौहार की सीजन और फिर जी जान से डीबीटी के कार्य में जुटे शिक्षकों को वेतन ना मिलने से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
आमतौर पर परिषदीय शिक्षकों समेत सभी सरकारी कर्मचारियों को हर महीने की एक तारीख़ तक वेतन का भुगतान हो जाता है। अक्तूबर माह में मिलने वाले वेतन के लिए शासन की लेटलतीफ़ी के चलते वेतन की ग्रांट अभी तक मंज़ूर नहीं हो सकी है। लिहाज़ा आज 14 अक्तूबर तक भी शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। शासन से बुधवार शाम तक वेतन की ग्रांट जारी नहीं हुई थी।
वेतन ना मिलने से खिन्न अध्यापकों का कहना है कि सरकार और विभाग अपने तुग़लकी फ़रमानों का तो तुरंत क्रियान्वयन चाहते हैं जबकि वेतन- भत्ते आदि के लिए त्योहारी सीज़न होने के बावजूद भी डेढ़ महीने से ग्रांट ही नहीं है।