21 सूत्रीय मांगों के समर्थन में शिक्षकों का प्रदेशभर के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों पर धरना
- मुहम्मद सलीम
ग़ाज़ियाबाद। गुरुओं के साथ ही कम्प्यूटर ऑपरेटर यूनियन ने भी बहुप्रतीक्षित 21 सूत्रीय मांगों के समर्थन का बिगुल फूंक दिया है। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के साथ अध्यापकों के रिक्त पदों को तुरंत भरने, पदोन्नति करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, पुरानी पेंशन बहाली जैसी मांगों को लेकर सरकार से दो-दो हाथ करने के लिए प्राथमिक शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षा मित्रों और आंगनबाड़ियों के साथ अब कंप्यूटर ऑपरेटर भी मैदान में कूद पड़े हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर उत्तर प्रदेश से समस्त 75 जिलों के 822 विकास खंडों पर शिक्षकों ने आज सांकेतिक धरना शुरू कर दिया है। चुनावी वर्ष होने के चलते शिक्षकों को अपनी मांगे पूरी होने का यकीन है। दृढ़ विश्वास के साथ शिक्षक नेताओं ने आज 1 दिन का सांकेतिक धरना देकर सरकार को जताने का प्रयास किया है। प्रदेश का सबसे बड़ा कर्मचारी संगठन होने के नाते नेताओं को पूरा भरोसा है कि जल्द ही उनकी मांगों पर मोहर लग जाएगी। हालांकि शिक्षा मित्र संघ के शाही गुट ने और महिला शिक्षक संघ ने धरने से दूरी बनाने का ऐलान किया था लेकिन फिर भी धरना स्थलों पर बड़ी तादाद में शिक्षा मित्रों और महिला शिक्षिकाओं की मौजूदगी देखी गई है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने मुख्यालय के समीप स्थित रजापुर बीआरसी कार्यालय पर सैकड़ों शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों कंप्यूटर ऑपरेटर्स और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के साथ के साथ धरना शुरू कर दिया है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि यदि जल्दी ही सरकार ने उनकी 21 सूत्रीय मांगों को पूरा न किया तो वह आगे की रणनीति बनाने पर विवश होंगे। उन्होंने साफ़ कहा कि अध्यापकों का शोषण किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 15,000 और सहायिकाओं को व रसोइयों को ₹10000 का मानदेय, शिक्षामित्रों अनुदेशकों और विशेष शिक्षकों को स्थाई शिक्षक बनाने के साथ ही इन केस मृतक आश्रितों को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग के अलावा सभी स्कूलों में बुनियादी आवश्यकताओं बिजली-पानी और फर्नीचर आदि की पूर्ति, प्रत्येक कक्षा कक्ष में एक अध्यापक की तैनाती, प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक की प्रोन्नति, प्राइमरी स्कूलों को जूनियर हाई स्कूलों के साथ मर्ज कर के कम अपोजिट विद्यालयों के स्थान पर एकल विद्यालय ही संचालित करने, सातवें पे कमिशन में मकान भत्ता किराया केंद्र के अनुरूप करने, 17140/ अथवा 18150/ वेतनमान की विसंगति दूर करने और ऑनलाइन शिक्षण के नाम पर हो रहे बच्चों, अभिभावकों व शिक्षकों का शोषण तुरंत बंद करने की मांग भी की गई है। धरने का नेतृत्व कर रहे ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मद तारिक ने धरना को सफल बताते हुए आशा व्यक्त की कि कुंभकर्णी नींद सो रही सरकार जल्द ही अध्यापकों की जायज़ मांगों को पूरा करने के लिए आदेश पारित कर देगी। धरना स्थल पर ब्लॉक मंत्री डॉ देशदीप, वरिष्ठ प्रधानाध्यापक का मोहम्मद हनीफ़, मुहम्मद असलम, विकास वत्स, मुहम्मद आमिर, वीनेश शर्मा, माया रानी, सोनल मिश्रा, प्रियंवादा यादव, फजर मोहम्मद, नविता कुलश्रेष्ठ, अयाज़ अली, रमा मिश्रा, मोहम्मद नसीम, रेनू मौलिक, प्रवीण शर्मा, दीप्ति सिंह, रश्मि गुप्ता, लुकमान अली, अशोक रोजल, मलका रानी, पूनम भटनागर और सीमा आदि अध्यापक मौजूद रहे। मुरादनगर ब्लॉक में धरने की कमान शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष विजय भटनागर ने संभाली जबकि नगर क्षेत्र में लईक अहमद मुख्य रहे।