रक्षाबंधन पर मीठे ज़हर का खुलेआम चल रहा कारोबार, खाद्य अधिकारी मौन
-कृष्णा शर्मा
बलिया, मिठाई कारोबारियों द्वारा लोगों के सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। जल्दी से जल्द अमीर बनने के लालच में मिठाई कारोबारी जनता के जान लेने के लिए किसी भी हद तक जा रहे है जनपद सहित रसड़ा तहसील क्षेत्र बाजारों में मिठाई का कारखानें चल रहे हैं।जिनके पास खाद्य विभागों द्वारा जारी काेई प्रमाण पत्र भी नहीं है मगर फर्जी तरीके से अवैध कारखाना चल रहे हैं। आजकल कम लागत में रासायनिक पदार्थों से तैयार कर मिठाईयाें काे तेजी से बेचा जा रहा है,जिसकाे आम लाेग खरीदकर सेवन कर रहे हैं और अनेकाें बीमारियाें के शिकार हो रहे हैं।आज रविवार को रक्षाबन्धन पर्व के चलते दस दिन पहले से अवैध कारखानाें में ऐसे उमंग से मीठे जहर के रुप में भारी मात्रा में मिठाईयां तैयार की जा रही हैं। रसड़ा नगरपालिका क्षेत्र के गलियाें सहित रिहायशी कालोनियों में अवैध रुप से मिठाईयाें के कारखानें धड़ल्ले से चल रहे हैं। जिन्हें आसानी से देखा जा सकता है। ये मिठाईयां अधिक से अधिक रुपए कमाने की चक्कर में इस दस दिन पूर्व से ही तैयार की जा रही है। इन अवैध मिठाई के कारखानाें में आग से बचाव की भी काेई सुविधा उपलब्ध नहीं है। किसी कारणवश इन कारखानाें में अगर आग लग जाती है ताे मिठाई कारोबारियों के साथ-साथ आम नगरवासियों को भी बहुत बड़ा नुकसान हाे सकता है। दूसरे तरफ इन अवैध कारखानाें में बालश्रम कानून की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कारखानों में बिहार प्रान्त व ग्रामीण अंचलाें के छाेटे-छाेटे बच्चाें से रसूखदार कारोबारियों द्वारा बड़े ही बेरहमी से काम लिया जाता है।साथ ही रसड़ा बाजार में तथाकथित चपरासी दुकानों से साहब के नाम माहवारी भी लेता है।
जब साहब को महीना वसूली की लत लग जायेगी तो आप पब्लिक है खुद समझ सकते हैं कि कारवाई कैसी होगी इन विषयाें पर उच्च अधिकारियों को ध्यान आकृष्ट कराया। ताकि समय रहते अभियान चलाकर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करनेवाले पर कारवाई हो सके।