राष्ट्रीय मंसूरी समाज ने मिसाइलमैन पुर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ कलाम साहब को खिराजे अकीदत
उदयपुर, सपने वे नहीं होते, जो आपको रात में सोते समय नींद में आए बल्कि सपने वे होते हैं, जो रात में सोने ही न दें।' - मतलब कार्य को इस तरीके और लगन के साथ किया जाए कि हम उसके पूरे लक्ष्य तक पहुंच जाएं यही उनका संदेश था और इस संदेश के साथ राष्ट्रीय मंसूरी समाज कलाम साहब के बताए पथ पर राष्ट्रसेवा में अग्रसर है।
बुलंद सोच रखने वाले 'मिसाइलमैन' अबुल पाकिर जैनुल आबदीन अब्दुल कलाम (एपीजे अब्दुल कलाम) भारतीय मिसाइल प्रोग्राम के जनक कहे जाते हैं। जब कलाम ने देश के सर्वोच्च पद यानी 11वें राष्ट्रपति की शपथ ली थी तो देश के हर वैज्ञानिक का सर फख्र से ऊंचा हो गया था। वे 'मिसाइलमैन' और 'जनता के राष्ट्रपति' के रूप में लोकप्रिय हुए।
उनकी बरसी पर खिराज़े अकिदत पैश करतें हुएं राष्ट्रीय मंसुरी समाज की टीम उदयपुर, राजस्थान ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जनाब यूनुस मंसूरी साहब, प्रदेश अध्यक्ष हाजी मुबारिक मंसूरी मुख्य व पुर्व सरपंच कय्युम मंसूरी के निर्देशानुसार हजरत पठान शाह दरगाह जिंक स्मेल्टर उदयपुर यहां पर वृक्षारोपण किया गया । जिसमें प्रदेश प्रवक्ता युसूफ मंसूरी, जिला अध्यक्ष अख्तर हुसैन मंसूरी, जिला उपाध्यक्ष अकील मंसूरी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश के भिंड निराश्रित भवन में राष्ट्रीय मंसूरी समाज के पदाधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ ऐ पी जे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर अकीदत के फुल पैश किये और उनकी याद में पोधे लगाकर सवाब का कार्य किया इस मौके पर प्रो इकबाल अली जलालुद्दीन मंसूरी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, अजीज मंसूरी जिला अध्यक्ष, शेर मुहम्मद मंसूरी जिला प्रभारी व सभी राष्ट्रीय मंसूरी समाज के पदाधिकारियों ने भाग लिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष यूनुस मंसूरी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हाजी शकूर मंसूरी, महबूब मंसूरी, खिलाना प्रदेश अध्यक्ष सलीम कबाड़ी, मंसूरी प्रदेश प्रभारी पार्षद हकीम मंसूरी, प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी जमील मंसूरी, आरिफुद्दीन मंसूरी, और प्रदेश महामंत्री अब्दुल वहाब मंसूरी आदि ने नेक काम को सराहा।