डेढ़ साल तक अपना डीए कोरोना की नज़र करने के बाद अब राज्य कर्मचारियों को भी मिलेगा मुस्कुराने का मौक़ा
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में राजकीय कर्मियों के रोके गए डीए को जारी करने के संबंध में वित्त विभाग तैयारी करे और जल्द प्रस्ताव प्रस्तुत करे। सीएम के इस फ़ैसले से उत्तर प्रदेश सरकार के 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ बहाल होगा।
कोरोना से जंग लड़ने की ख़ातिर वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए सरकार ने पहली जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों को बढ़ी दर से महंगाई भत्ता और पेंशनरों को महंगाई राहत के भुगतान पर पिछले साल 24 अप्रैल को शासनादेश जारी कर रोक लगा दी थी।
राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को एक जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2021 को दिये जाने वाले डीए और महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्तों का भुगतान नहीं किया गया है। अब राज्य सरकार के 16 लाख कर्मचारियों को 11 फीसद अधिक डीए के साथ तनख्वाह मिलने वाली है। राज्य कर्मचारी 18 महीने से वेतन और पेंशनर अपनी पेंशन बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। कर्मचारियों को अभी 17 फीसद की दर से डीए का भुगतान हो रहा है।
डीए-डीआर के मामले में राज्य सरकार की केंद्र से समानता है। इसलिए राज्य सरकार केंद्र के निर्णय का अनुसरण करती रही है। इस आधार पर कर्मचारी संगठनों ने भी राज्य कर्मचारियों को जुलाई से 28 फीसद की दर से डीए भुगतान करने की मांग शुरू कर दी थी। माना जारहा था कि चुनावी वर्ष में राज्य सरकार कर्मचारियों को बढ़ी दर से डीए का भुगतान करने में देर नहीं करेगी।
डीए में 11 फ़ीसद की वृद्धि से राज्य कर्मचारियों के वेतन में ख़ासा इज़ाफ़ा होगा। हालांकि सरकार ने कर्मचारियों को विगत डेढ़ साल का वेतन वृद्धि का एरियर देने से इनकार कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि इस एरिया के न दिए जाने से सरकारी कर्मचारियों को 18 महीने में लगभग ₹100,000/- का नुकसान हुआ है। कुछ भी हो "देर आयद- दुरुस्त आयद" की तर्ज़ पर डीए बहाल होने से सरकारी कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान तो ज़रूर आएगी।