शिक्षाधिकारियों ने ली गुरुओं की क्लास- छात्रों की ऑनलाइन डाटा फ़ीडिंग, बालिका शिक्षा और ई- पाठशाला पर दिया विशेष ध्यान

 

           ग़ाज़ियाबाद, शिक्षा अधिकारीयों ने प्रधानाध्यापकों को नए शैक्षिक सत्र की कार्य योजना समझाई। खण्ड शिक्षा अधिकारी किरण यादव की अध्यक्षता में जिला समन्वयक, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के मेंटर, स्टेट रिसोर्स ग्रुप टीम के सदस्यों,  एकेडमिक  रिसोर्स पर्सन्स और  स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ होने वाली ऑनलाइन मीटिंग में एमडीएम योजनांतर्गत छात्रों के बैंक खातों का विवरण, कन्वर्जन कॉस्ट तथा खाद्यान्न वितरण की प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की स्थिति, शारदा पोर्टल पर बच्चों की सूचना अपडेट की स्थिति, ई- पाठशाला के फेज-4 के क्रियान्वयन की रूपरेखा एवं दूरदर्शन/लिंक/आओ सीखे अंग्रेजी जैसे कार्यक्रमों में बच्चों के सीखने की गति और इसे प्रभावशाली बनाने के उपायों पर चर्चा, छात्रों के Learning Loss को न्यूनतम करने की कार्य योजना एवं व्हाट्सएप ग्रुप अपडेट करने की स्थिति, क्विज़ में प्रतिभाग करने वाले छात्रों की संख्या, प्रेरणा साथी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयास, और इसमें आरही समस्याओं के समाधान के लिए लिए सुझाव, दीक्षा ऐप अपडेट कर नए फीचर जानने व शिक्षकों के नेतृत्व कौशल प्रशिक्षण पर चर्चा, अभिभावकों के द्वारा अपने फोन में प्रेरणा लक्ष्य एप्प/रीड अलोंग एप्प/दीक्षा एप्प इंस्टॉल कराने की  स्थिति, ई -पाठशाला सामग्री को टेलीविज़न पर देखने हेतु अभिभावकों को प्रेरित करने हेतु फ़ोन पर वार्ता करने, सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ( DBT) अर्थात् सरकारी  सुविधाएं सीधे बच्चों के खातों में पहुंचाने सम्बंधित चर्चा और 1 जुलाई से विद्यालय खुलने से पूर्व की तैयारी की प्रधानाध्यापक स्तर पर योजना निर्माण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
खंड शिक्षा अधिकारी किरण यादव ने साफ़ शब्दों में कहा कि सेवा प्रदाता जब सैलरी देता है तो सेवक का यह कर्तव्य है कि वह तन्मयता के साथ अपना दायित्व पूरा करे। ऐसा ना करने वाला न केवल पाप का भागी होगा बल्कि विभागीय दंडात्मक कार्रवाई का भागीदार भी होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का काम बच्चों का चहुंमुखी विकास है। शिक्षा का अर्थ बच्चों को केवल साक्षर बना देना नहीं बल्कि समाज को एक बेहतर एनवायरमेंट उपलब्ध कराना भी है। बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए बीईओ ने कहा कि बालिकाओं के शाला त्याग की दर को प्रत्येक दशा में रोकना है। सभी अध्यापक यह सुनिश्चित करें कि कक्षा पांच पास करने के बाद कोई भी बालिका ड्रॉपआउट ना करें बल्कि वह कहीं न कहीं दाख़िला ज़रूर ले। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अध्यापक की यह भी नैतिक ज़िम्मेदारी है कि वह अपने कक्षा कक्ष को साफ़ सुथरा रखें। बीडीओ ने प्रत्येक स्कूल की यू डाइस, शारदा, एमडीएम और डीबीटी जैसे ऑनलाइन पोर्टल पर डाटा फीड करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई फिक्स कर दी।
   कार्यक्रम का संचालन पूनम शर्मा द्वारा किया गया। मीटिंग को एसआरजी गीता त्यागी, देवांकुर भारद्वाज, एआरपी आरती वर्मा, रेनू चौहान और रश्मि दुबे ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संकुल प्रभारी डॉ० मुहम्मद सलीम, अशोक रोजल, मोहम्मद हारुन, प्रीति शर्मा, सबीहा कलीम, मोहम्मद आमिर और डॉ० देश दीप के साथ दीपक शर्मा, मोहम्मद असलम, रामा मिश्रा, मोहम्मद नसीम, गुलफाम अली, अयाज़ अली, मोहम्मद शौकीन, धरांशू, कृष्ण लाल अरोड़ा और पूनम रानी आदि  बड़ी संख्या में हेड मास्टरों ने प्रतिभाग किया।

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