मंदसौर में हनी ट्रैप गिरोह का सक्रिय, सरवानिया महाराज में एक निजी डॉक्टर फंसा

       

          नीमच/मंदसौर, (मंगलदेव राठौर) इन दिनों वाटसऐप अश्लील वीडियो हनीट्रैप गिरोह नीमच मंदसौर में सक्रिय है, अब तक कई लोगों से लाखों रूपए इस गिरोह ने इसलिए हैं। संभ्रात परिवार के लोग बदनामी के वजह से चुपचाप पैसे देदेते हैं, मंदसौर के बाद सरवानिया महाराज में भी एक निजी डॉक्टर फंस गया है।

      नीमच—मंदसौर। इन दिनों वाटसऐप वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो बनाकर रसूखदार अथवा ओहदेदा या अन्य लोगों को ब्लैकमेल कर पैंसे ऐठने वाला गिरोह नीमच और मंदसौर जिले में सक्रिय है। अननॉन नंबर से किसी के पास अगर किसी के पास वीडियो कॉल आया तो वे सावधान हो जाईए। अननॉन नंबर से खूबसूरत सी लडकी वीडियो कॉल करती है, बातों—बातों में उसे उलझाती है और बाद में धीरे—धीरे कपडे उतारकर अश्लील चैट शुरू कर देती है। इस दौरान हनीट्रैप वाली लडकी यह वीडियो रिकार्डिंग पर रख देती है। और उसका खुद का वीडियो और सामने देख रहे व्यक्ति का वीडियो दोनों शूट कर देती है और बाद में शुरू होता है लाखों लेने का खेल। मंदसौर में कई ऐसे मामले सामने आए है, इज्जत बचाने के चक्कर में किसी ने 10 लाख रूपए दिए तो किसी ने 30 लाख रूपए। रविवार को नीमच जिले में भी ऐसा मामला आया है। सरवानिया महाराज के रहने वाले एक निजी डॉक्टर के साथ ऐसा ही घटनाक्रम हुआ, लेकिन डॉक्टर इज्जत के मारे अभी तक पुलिस के पास नहीं पहुंचे हैं। और उपरी ही उपरी मामला सुलटाने में लगे हुए है। डॉक्टर का कहना है कि उनके पास कल अननोन नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया था तब उनके साथ स्टाफ किसी महिला ने उठाया था तो सीधे उस पर अश्लीलन वीडियो चलने लगे तब डॉक्टर ने फोन काट दिया और फिर सामने वाले ने डॉक्टर से पैसों की मांग करी और नहीं देने पर उसने आज फेसबुक आईडी हैक कर वीडियो अपलोड कर दिया।

     महानगरों से यह खेल छोटे कस्बों में पहुंचा,साईलेंट तरीके से देते है साईबर क्राईम को अंजाम, नीमच और मंदसौर जिले में भीी मामले बढे हैं।

       हनीट्रैप का यह अत्याधुनिक ट्रैंड वासटऐसप के जरिए वीडियो कॉलिंग वाला महानगरों से शुरू हुआ था, जो अब छोटे जिलों से लेकर कस्बों में भी पहुंच चुका है। गिरोह में शामिल लोग लडकी का उपयोग करते है और अश्लील वीडियो बनवाते है और फिर उसी को भेजते है। अनजान नंबर से कॉल करते है। वीडियो कॉल को जैसे ही अटेंड करते है तो, दूसरी तरफ एक लड़की की अश्लील तस्वीर सामने आ जाती है. अचानक अनजान नंबर से आई वीडियो कॉल और फिर उस वीडियो कॉल पर कपड़े उतारती है। फिर दूसरे दिन वही वीडियो उस व्यक्ति को भेजा जाता है और उसे पैसो की डिमांड की जाती है।

एक्सपर्ट की सलाह— साइबर अपराधियों का शिकार होने पर बिना डरे सबसे पहले पुलिस में रिपोर्ट करनी चाहिए।

     अगर किसी के पास ऐसे वीडियो कॉल आए तो वे सतर्क हो जाए। अगर उनके साथ ऐसा होता है तो वे तुरंत पुलिस से मदद ले। साइबर सेल को ऐसी शिकायतें लगातार मिल रही हैं. बीते कुछ महीनों से ऐसे मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है. डीप फेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके यह सब हो रहा है। इसे अंजाम देने वाला गैंग राजस्थान, एमपी, यूपी सहित कई राज्यों में फैली हुई है। जहां पर लड़के और लड़कियां ब्लैकमेलिंग के इस धंधे में जोर-शोर से लगे हुए हैं। इंटरनेट मोबाइल के इस दौर में ऐसी घटना किसी के साथ भी हो सकती है। फेसबुक की फर्जी आईडी बनाकर दोस्तों से पैसे मांगने वालों की तरह अभी साइबर क्राइम करने वालों का ये तरीका पूरी तरह चर्चा में नहीं आया है। लेकिन आप सावधान हो जाएं। ये साइबर अपराधियों का नया मॉड्यूल है। ये देर रात ऑनलाइन रहने वाले नंबरों पर नजरें गड़ाए रखते हैं। उनके बारे में तमाम जानकारियां इकट्ठा करते हैं। सारी जानकारी हो जाने के बाद होता है फोन का खेल। फोन व्हाट्सएप या मैसेंजर पर आता है, जिसमें नंबर फ्लैश नहीं करता. फोन पर लड़की आती है, जो बताती है कि वो हाईप्रोफाइल है और दोस्ती करना चाहती है। उसका मकसद उस शख्स को ज्यादा से ज्यादा देर तक फोन पर इंगेज करना होता है। ताकि वीडियो में उसके चेहरे के तमाम हाव-भाव रिकॉर्ड हो सके। इस कोशिश के लिए लड़की तमाम तरह की हरकतें भी करती हैं।

       लड़की अपने कपड़े उतारती है और सामने वाले को भी ऐसा करने के लिए कहती है. तमाम लोग ऐसी कॉल आते ही समझ जाते हैं कि ये झांसेबाजी है तो कई लोग इस झांसेबाजी में फंस भी जाते हैं. कॉल डिस्कनेक्ट होने के बाद ये लोग उस शख्स के चेहरे को मॉर्फ करके न्यूड वीडियो बना लेते हैं. फिर शुरू होता है ब्लैकमेलिंग का खेल. आपसे गुजारिश है कि ऐसे झांसों में न खुद फंसें और न अपने आसपास के लोगों और दोस्तों को फंसने दें। समझें और समझाएं कि फोन पर लड़की कहीं से अचानक नहीं टपकती। अपराधी बाकायदा जाल बिछाकर ऐसे शिकार करते हैं। अपराध का ये ट्रेंड बहुत तेजी से चल रहा है। इनका शिकार होने से बचिए और जानकारी शेयर करके दूसरों को भी बचाइए।


मन्दसौर से मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट कॉल के जरिए अश्लील वीडियो बनाकर रसूखदार अथवा ओहदेदा या अन्य लोगों को ब्लैकमेल कर पैंसे ऐठने वाला गिरोह नीमच और मंदसौर जिले में सक्रिय है। अननॉन नंबर से किसी के पास अगर किसी के पास वीडियो कॉल आया तो वे सावधान हो जाईए। अननॉन नंबर से खूबसूरत सी लडकी वीडियो कॉल करती है, बातों—बातों में उसे उलझाती है और बाद में धीरे—धीरे कपडे उतारकर अश्लील चैट शुरू कर देती है। इस दौरान हनीट्रैप वाली लडकी यह वीडियो रिकार्डिंग पर रख देती है और उसका खुद का वीडियो और सामने देख रहे व्यक्ति का वीडियो दोनों शूट कर देती है और बाद में शुरू होता है लाखों लेने का खेल। मंदसौर में कई ऐसे मामले सामने आए है, इज्जत बचाने के चक्कर में किसी ने 10 लाख रूपए दिए तो किसी ने 30 लाख रूपए। रविवार को नीमच जिले में भी ऐसा मामला आया है। सरवानिया महाराज के रहने वाले एक निजी डॉक्टर के साथ ऐसा ही घटनाक्रम हुआ, लेकिन डॉक्टर इज्जत के मारे अभी तक पुलिस के पास नहीं पहुंचे है और उपरी ही उपरी मामला सुलटाने में लगे हुए है। डॉक्टर का कहना है कि उनके पास कल अननोन नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया था तब उनके साथ स्टाफ किसी महिला ने उठाया था तो सीधे उस पर अश्लीलन वीडियो चलने लगे तब डॉक्टर ने फोन काट दिया और फिर सामने वाले ने डॉक्टर से पैसों की मांग करी और नहीं देने पर उसने आज फेसबुक आईडी हैक कर वीडियो अपलोड कर दिया।

    महानगरों से यह खेल छोटे कस्बों में पहुंचा,साईलेंट तरीके से देते है साईबर क्राईम को अंजाम, नीमच और मंदसौर जिले में भीी मामले बढे—

       हनीट्रैप का यह अत्याधुनिक ट्रैंड वासटऐसप के जरिए वीडियो कॉलिंग वाला महानगरों से शुरू हुआ था, जो अब छोटे जिलों से लेकर कस्बों में भी पहुंच चुका है। गिरोह में शामिल लोग लडकी का उपयोग करते है और अश्लील वीडियो बनवाते है और फिर उसी को भेजते है। अनजान नंबर से कॉल करते है। वीडियो कॉल को जैसे ही अटेंड करते है तो, दूसरी तरफ एक लड़की की अश्लील तस्वीर सामने आ जाती है. अचानक अनजान नंबर से आई वीडियो कॉल और फिर उस वीडियो कॉल पर कपड़े उतारती है। फिर दूसरे दिन वही वीडियो उस व्यक्ति को भेजा जाता है और उसे पैसो की डिमांड की जाती है।

एक्सपर्ट की सलाह— साइबर अपराधियों का शिकार होने पर बिना डरे सबसे पहले पुलिस में रिपोर्ट करनी चाहिए।

      अगर किसी के पास ऐसे वीडियो कॉल आए तो वे सतर्क हो जाए। अगर उनके साथ ऐसा होता है तो वे तुरंत पुलिस से मदद ले। साइबर सेल को ऐसी शिकायतें लगातार मिल रही हैं. बीते कुछ महीनों से ऐसे मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है. डीप फेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके यह सब हो रहा है। इसे अंजाम देने वाला गैंग राजस्थान, एमपी, यूपी सहित कई राज्यों में फैली हुई है। जहां पर लड़के और लड़कियां ब्लैकमेलिंग के इस धंधे में जोर-शोर से लगे हुए हैं।

इंटरनेट मोबाइल के इस दौर में ऐसी घटना किसी के साथ भी हो सकती है। फेसबुक की फर्जी आईडी बनाकर दोस्तों से पैसे मांगने वालों की तरह अभी साइबर क्राइम करने वालों का ये तरीका पूरी तरह चर्चा में नहीं आया है। लेकिन आप सावधान हो जाएं। ये साइबर अपराधियों का नया मॉड्यूल है। ये देर रात ऑनलाइन रहने वाले नंबरों पर नजरें गड़ाए रखते हैं। उनके बारे में तमाम जानकारियां इकट्ठा करते हैं। सारी जानकारी हो जाने के बाद होता है फोन का खेल। फोन व्हाट्सएप या मैसेंजर पर आता है, जिसमें नंबर फ्लैश नहीं करता. फोन पर लड़की आती है, जो बताती है कि वो हाईप्रोफाइल है और दोस्ती करना चाहती है। उसका मकसद उस शख्स को ज्यादा से ज्यादा देर तक फोन पर इंगेज करना होता है। ताकि वीडियो में उसके चेहरे के तमाम हाव-भाव रिकॉर्ड हो सके। इस कोशिश के लिए लड़की तमाम तरह की हरकतें भी करती हैं।

       लड़की अपने कपड़े भी उतारती है, सामने वाले को भी ऐसा करने के लिए कहती है. तमाम लोग ऐसी कॉल आते ही समझ जाते हैं कि ये झांसेबाजी है तो कई लोग इस झांसेबाजी में फंस भी जाते हैं. कॉल डिस्कनेक्ट होने के बाद ये लोग उस शख्स के चेहरे को मॉर्फ करके न्यूड वीडियो बना लेते हैं. फिर शुरू होता है ब्लैकमेलिंग का खेल. आपसे गुजारिश है कि ऐसे झांसों में न खुद फंसें और न अपने आसपास के लोगों और दोस्तों को फंसने दें. समझें और समझाएं कि फोन पर लड़की कहीं से अचानक नहीं टपकती. अपराधी बाकायदा जाल बिछाकर ऐसे शिकार करते हैं. अपराध का ये ट्रेंड बहुत तेजी से चल रहा है. इनका शिकार होने से बचिए और जानकारी शेयर करके दूसरों को भी बचाइए।

मन्दसौर से मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट

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