नाले के दूषित पानी के कारण रोज़ मर रही हजारों मछलियां, शिवना में बढ़ रहा है प्रदूषण का स्तर

                                                                      -मंगल देव राठौर       

              मंदसौर,  शिवना शुदिकर्ण के नाम पर शासन ने लाखों खर्च कर दिए परन्तु नतीजा आज भी धरातल पर शून्य ही है। कांग्रेस नेट्स और पूर्व पार्षद लियाकत नीलगर ने बताया कि शिवना में मिल रहे गन्दे नालों के दूषित पानी की वजह से रोजाना सेकड़ों मछलियां किनारों पर आकर दम तोड़ रही हैं।
                 नारायण नगर शालीमार कालोनी अशोकनगर और खानपुरा से आने वाला पानी बुगलिया नाले के जरिये सीधा शिवना नदी में आ रहा है। तीन छतरी बालाजी के बुगलिया नाले से मिलने वाले गन्दे पानी को नदी में मिलने से रोकने के लिए आज तक नगरपालिका कोई प्रस्ताब बना कर शासन को नहीीं भेज पाई हैै। पूर्व में मेरे पार्षदीय कार्यकाल में भी नपा को तीन छतरी बालाजी बुगलिया नाले के गन्दे पानी को शिवना में रोकने के लिए एक प्रस्ताव दिया था जिसमें उल्लेख किया गया था कि बुगलिया नाले से पषुप्तिनाथ मंदिर तक अंदर ग्राउंड ड्रेनेज नाला तथा साबरमती नदी की तर्ज़ पर ईदगाह पुलिया से पशुपतिनाथ मंदिर पुलिया तक सड़क निर्माण से क्षेत्र का सौंदर्यीकरण हो जाता और इसी के साथ ही इस सड़क निर्माण से सीधा पशुपतिनाथ  मंदिरा से खानपुरा का अति प्राचीन रावण और तीन छतरी बालाजी मंदिर जुड़ जाता और अंदर ग्राउंड नाला बन जाने से रामघाट से लेकर पशुपतिनाथ मंदिर तक जो पानी दूषित हो जाता है। वह प्रदूषित होने से रुक जाएगा और भविष्य में भी जो प्रतापगढ़ रॉड पर कॉलोनियां कट रही है उनका गन्दा पानी भी शिवना ने मिलने से रुक जाएगा। 

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