शिक्षकों को नियम विरुद्ध कोरोना कंट्रोल रूम में ड्यूटी के जबरन आदेश से मुक्त करने की मांग,
ग़ाज़ियाबाद। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर प्राथमिक शिक्षक संघ महानगर ग़ाज़ियाबाद ने बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को सरकारी आदेशों का उल्लंघन कर शिक्षकों की ड्यूटी कोविड-19 कंट्रोल रूम में लगाए जाने के विरोध में आज एक पत्र ज्ञापित कराया। जिसमें बताया गया कि प्रदेश भर के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से 15 जून तक होता है, जबकि शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक होता है। प्राथमिक शिक्षक संघ की गाजियाबाद महानगर इकाई ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि कि जनपद में ग्रीष्म अवकाश के समय भी शिक्षकों की ड्यूटी कोविड-19 कंट्रोल रूम में लगा दी गई है, जो कि शासनादेश और विभागीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
संघ के महानगर अध्यक्ष अमित गोस्वामी ने बताया कि स्नातक डिग्री के उपरांत प्रशिक्षण संबंधी डिग्री जैसे B.Ed/ डीएलएड /बीटीसी आदि प्रशिक्षण करने के पश्चात टीईटी पास करने के उपरांत ही शिक्षकों पदों पर भर्ती की जाती है। उक्त अध्ययन में शिक्षण कार्य करने के संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। शिक्षकों को अन्य कार्य करने का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता, ऐसी स्थिति में उनसे अन्य कार्य लिया जाना बेसिक शिक्षा परिषद अधिनियम के विपरीत है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान जब शिक्षक प्रशिक्षण, पोलिंग पार्टी रवाना होते समय तथा बूथों पर मतदान कराते समय व मतगणना करवाते समय भारी भीड़ में करोना वायरस से संक्रमित होकर काल के गाल में समा रहे थे तब संगठन ने सरकार को पत्र लिखकर त्रिस्तरीय चुनाव को टालने का अनुरोध किया था। परंतु सरकार ने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया था जिसके परिणाम स्वरूप 1621 शिक्षकों को मौत के मुंह में समाना पड़ा।
महानगर अध्यक्ष अमित गोस्वामी ने बताया कि स्नातक डिग्री के उपरांत प्रशिक्षण संबंधी डिग्री जैसे B.Ed/ डीएलएड /बीटीसी आदि प्रशिक्षण करे उसके पश्चात टीईटी पास करने के उपरांत शिक्षकों पदों पर भर्ती की जाती है। उक्त अध्ययन में शिक्षण कार्य करने के संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। शिक्षकों को अन्य कार्य करने का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता, ऐसी स्थिति में उनसे अन्य कार्य लिया जाना बेसिक शिक्षा परिषद अधिनियम के विपरीत है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान जब शिक्षक प्रशिक्षण, पोलिंग पार्टी रवाना होते समय तथा बूथों पर मतदान कराते समय व मतगणना करवाते समय भारी भीड़ में करोना वायरस से संक्रमित होकर काल के गाल में समा रहे थे तब संगठन ने सरकार को पत्र लिखकर त्रिस्तरीय चुनाव को टालने का अनुरोध किया था। परंतु सरकार ने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया था।जिसका परिणाम 1621 शिक्षकों की मृत्यु के रूप में सामने आया। संघ के महानगर इकाई इकाई के मंत्री लईक अहमद ने कहा कि ग्रीष्म अवकाश में शिक्षकों की ड्यूटी बिना किसी सुरक्षा के और कोविड संबंधित प्रशिक्षण दिए बगैर तथा शासनादेश के विपरीत कोविड-19 कंट्रोल रूम में लगाकर उन्हें करोना संक्रमण के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। कतिपय जनपदों में कोविड-19 कंट्रोल रूम में लगे शिक्षकों की मृत्यु भी हो चुकी है। प्राथमिक शिक्षक संघ महानगर ग़ाज़ियाबाद ने शासनादेश के विपरीत कोविड-19 कंट्रोल रूम में ड्यूटी में लगे शिक्षकों को तत्काल मुक्त करने की मांग की है।