भाजपा नेता के पिता और भाई निकले शराब तस्कर, पुलिस की दबिश के बाद भाई फ़रार पिता गिरफ़्तार
रामपुरा (जालौन)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में अबैध शराब कारोबारियों, वांछितों एवं अपराधियों के ख़िलाफ़ चलाये जा रहे धड़पकड़ अभियान के तहत रामपुरा पुलिस को भारी सफ़लता हाथ लगी है। पुलिस ने एक स्थानीय भाजपा नेता के घर से ग़र प्रांत की अंग्रेज़ शराब के साथ भाजपा नेता के पिता सहित दो लोगों को मौके से पकड़ लिया। जबकि उसका भाई पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहा। जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
ग़ौरतलब है कि जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रो में सरगर्मियां तेज़ हैं। कोई जिला पंचायत सदस्य के लिए कोई तो प्रधान पद के लिए चुनावी मैदान में अपनी अपनी किस्मत अज़माने को उतारू है। हर दावेदार या प्रत्याशी मतदाताओं को अपनी तरफ लुभाने के कोई भी कोर कसर छोड़ना नहीं चाहता। अपनी जीत दर्ज कराने हेतु मतदाताओ के लिए चोरी-छिपे शराब पार्टियों का दौर भी जारी है। जिसको लेकर पुलिस द्वारा एसपी के निर्देशन में अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत रामपुरा थानाध्यक्ष जेपी पाल ने गश्त के दौरान मिली सूचना के आधार पर ग्राम गोरा चिराइया में छापा डालते हुए भाजपा नेता कमलेश शिवहरे के घर से एमपी निर्मित अंग्रेजी शराब के साथ उनके पिता ओम प्रकाश शिवहरे एवं साथी संतराम राठौर को मौके से शराब सहित दबोच लिया लिया। जबकि पुलिस को देखते ही भाजपा नेता का भाई एवं प्रधानपति मुकेश शिवहरे भागने में कामयाब रहा। जिसकी पुलिस ने सरगर्मी से तलाश करना शुरू कर दी है। रामपुरा थानाध्यक्ष जेपी पाल के अनुसार आरोपितों के घर से मध्य प्रदेश में निर्मित शराब की 23 बोतल एवं 430 क्वार्टर बरामद हुयी है। पुलिस ने पकड़ गए भाजपा नेता के पिता सहित दो लोगों को न्यायालय में पेश किया जबकि प्रधानपति मुकेश शिवहरे को वांछित किया गया है। आपको बता दें कि कमलेश शिवहरे गोहन जिला पंचायत सीट से भाजपा समर्थित दावेदारी कर रहा है। जिस प्रकार से भाजपा नेता के घर से एमपी निर्मित अंग्रेजी शराब पुलिस ने बरामद की और उनके पिता और भाई पर कानूनी रूपी चावुक चलाया। उससे कहीं न कहीं पार्टी की छवि जरूर धूमिल हुयी है। अब देखना यह होगा कि सत्ता सीन भाजपा उन्हें अपना समर्थन देकर जिला पंचायत सीट गोहन से प्रत्याशी बनाती है। या फिर पार्टी से बाहर का रास्ता अख्तियार करने को लेकर उन्हें मजबूर करती है। जब इस संबंध में भाजपा के जिला महामंत्री दिलीप दुवे से बात करनी चाही तो उन्होंने मीटिंग में होने का हवाला देते हुए फोन काट दिया।