आखिरकार जेल प्रशासन ने राम प्रसाद बिस्मिल स्मारक का ताला खोल ही दिया
गोरखपुरर, जिला कारागार परिसर स्थित पंडित राम प्रसाद बिस्मिल स्मारक का ताला आम लोगों के लिए शनिवार को खोल दिया गया। वैसे तो इस पर फैसला 11 जनवरी 2020 हो गया था, लेकिन जेल प्रशासन की लापरवाही के चलते ताला तभी खुलता था, जब कोई भारी भरकम शख्स वहां पहुंचता था।
वैसे जेल प्रशासन की दलील थी कि जब कोई दर्शनार्थी आता है तो ताला खोल दिया जाता है, मगर हमेशा ऐसा नहीं होता था। यह खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए, जेल प्रशासन ने शनिवार सुबह ताला को खुलवा दिया, ताकि आमजन जब चाहे अंदर जाकर दर्शन कर लें। वहीं उनकी बैरक तक जाने के लिए लगे ताले को खोलने के लिए गार्ड को मुस्तैद कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, 11 जनवरी 2020 से पहले 19 दिसंबर को उनकी शहादत दिवस पर यहां पर कार्यक्रम होते थे, लेकिन जेल से अनुमति लेकर ही अंदर से जाना होता था। 11 जनवरी से जेल के बाहर से एक रास्ता बनाकर स्मारक स्थल को आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। यह व्यवस्था तो लागू कर दी गई, मगर जेल के बाहर स्मारक स्थल पर जाने वाले दरवाजे पर जेल प्रशासन ने ताला बंद करा दिया। ताले की चाबी रहती तो गार्ड के पास है, लेकिन वह कब कहां रहेगा, यह जान पाना आसान नहीं था। जिससे वहां पर दर्शन के लिए जाने वालों को परेशान होना पड़ता था।
जेलर प्रेम सागर ने बताया कि सुबह आठ बजे से लेकर अंधेरा होने तक बिस्मिल के स्मारक स्थल का कोई भी जब चाहे दर्शन कर सकता है।