कागजों तक ही सीमित रहा गांव का विकास, ग्रामीण अभी भी परेशान

     


                                                         फोटो: विकास राज

        जालौन, ज़िले के महेबा क्षेत्र के पिछड़ा वर्ग बाहुल्य ग्राम सिम्हारा कासिम्पुर में लोग मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां ना तो कोई आला अधिकारी और ना ही कोई जन प्रतिनिधि किसी ग्रामवासी की हालत देखने के लिए कभी नहीं आया, ग्राम वासियों का आरोप है कि यहां पर विकास के नाम पर अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों का केवल ख़याली और कागजी विकास ही होता है। आज यहां की हालत ये है कि ना पानी की निकासी, ना पीने के पानी की टंकी, ना गौशाला, ना हैंडपंप जो एक दो हैं भी तो वो भी ज्यादातर खराब। गांव में विभाग की ओर से न तो कोई गरीबी आवास और ना ही किसी सरकारी योजना का कोई लाभ है। इस गाँव के लोगों का जीवन बद से बद्तर हो गया है। लेकिन आज गाँव के ही समाजसेवी आनंद राठौर ने निःस्वार्थ भाव से खुद ही गाँव के कुछ लोगों के सहयोग से पुरानी सीसी रोड की मरमत, पुरानी नालियों की मरम्मत व उनकी सफाई, खराब हैंडपंपों की मरम्मत तथा गाँव के प्रमुख स्थानों की सफाई आदि करके सिम्हारा ग्रामवासियों के चेहरों पे मुस्कान ला दी है। इस बार

ग्राम वासियों ने प्रण लिया है कि जो हमारे गाँव में हर संभव विकास कराएगा हम वोट उसी को देंगे।

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