पुलिस की लापरवाही से गई छात्र की जान, मौत के बाद परिजनों को दिए ₹25,000

 


      सीतापुर (राज गौरव मिश्रा)। कोतवाली अन्तर्गत मोहल्ला मास्टर कॉलोनी महाराजागंज निवासी एक युवक की पुलिस कस्टडी में मौत का मामला प्रकाश में आया है। मृतक युवक के परिजनों ने पुलिसिया कार्यवाही पर सवाल खड़े किए हैं। ज्ञात हो कि 9 अप्रैल की रात लगभग 8 बजे मृतक रवि त्रिवेदी पुत्र किशन चंद त्रिवेदी एवं लकी नाग पुत्र अज्ञात निवाासी मोहल्ला सरावगी टोला के बीच अज्ञात कारणों के चलते कोतवाली गेट के सामने झगड़ा हुआ। मारपीट होने के बाद रवि त्रिवेदी दौड़कर थाने के गेट पर पहुंचा जहां पर पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को कोतवाली में बिठा लिया गया। जिसमें मृतक का भाई सौरभ भी शामिल था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा रवि को रात में लात घुसों से पीटा गया। सुबह लगभग 6 बजे परिजनों की सूचना मिली कि रवि की तबीयत खराब होने के चलते उसे सीएचसी ले जाया जा रहा है जहां पर डॉक्टरों में रवि को इलाज के लिए सीतापुर रेफर किया। परिजनों का आरोप है कि रवि को सीतापुर न ले जाकर लहरपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पर रवि की हालत ज्यादा खराब हो गई इसके बाद वहां से सीतापुर जिला अस्पताल रेफर किया गया लेकिन जब तक जिला अस्पताल पहुंचे तब तक रवि की मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर शव विच्छेदन गृह भेज दिया।जिसके बाद शव को बिसवां मृतक के आवास पर लाया गया जहां पर परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। मौके पर कई थानों की पुलिस समेत सीओ बिसवां, एसडीएम बिसवां, प्रभारी निरीक्षक इंद्रजीत सिंह चौहान और तहसीदार अविचल प्रताप समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। देर रात तक अधिकारी मृतक के परिजनों को मनाने में लगे रहे,आखिर में परिजनों ने एसडीएम बिसवां को शिकायती पत्र देकर मजिस्ट्रेट जांच कराए जाने की मांग की है। आज सुबह फिर से शव का अंतिम संस्कार करने से पहले मृतक के परिजनों ने जमकर हंगामा काटा,इसी बीच प्रशासन व परिजनों के बीच बहस भी हुई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस द्वारा जल्दी दाह संस्कार कराने हेतु लगातार दबाव बनाया गया एवं 25 हजार रूपए नगद दाह संस्कार कराने हेतु दिए गए। परिजनों ने पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि आखिर क्यों जल्दी दाह संस्कार हेतु उन्हें पैसे दिए गए?आखिर क्यों सीएचसी से रेफर करने के बाद पुलिस द्वारा जिला अस्पताल न ले जाकर लहरपुर के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, आखिर पुलिस द्वारा इतना दबाव क्यों बनाया जा रहा है। सवाल उठना तो लाजमी है कि आखिर क्या सच में पुलिस द्वारा रवि को टॉर्चर किया गया है? क्या इस सबके पीछे कोई खेल खेला गया है क्या पुलिस किसी को बचाने का प्रयास कर रही है?उक्त संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है।पोस्टमार्टम की रिपोर्ट बिसरा के लिए प्रीजर्व कर ली गई है।मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाएगी एवं जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

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