स्काउट गाइड शिविर लगाकर बच्चों ने सीखी विषम परिस्थितियों में जीने की कला
ग़ाज़ियाबाद। कोरोना काल की छुट्टियों के बाद स्कूलों की रौनक फिर से लौटने लगी हैै। विभिन्न प्रकार की गतिविधियों से स्कूलों में बच्चों का मन बहलाने का प्रयास किया जा रहा है।
एक और जहां ज्ञानोत्सव के माध्यम से बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ ही समुदाय को भी स्कूल से जोड़ने की बात की जा रही है तो दूसरी ओर अध्यापकों द्वारा बच्चों को शिक्षण के साथ ही जीवन की विषम परिस्थितियों से भी रूबरू कराना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम से बच्चों को आईसीटी का उपयोग बखूबी सिखा दिया गया है। बोलो ऐप के माध्यम से बच्चे भाषा शिक्षण और कहानियों में लाखों स्टार्स अर्जित कर ख़ुद को गौरवान्वित महसूस हो रहे हैं।
खेल-खेल में शिक्षा देने और विद्यालयी वातावरण को आनंदमई बनाने के साथ ही कक्षा कक्ष के ज्ञान को वास्तविक जीवन में अनुभव कराने के लिए अध्यापकों ने अनेक प्रकार के प्रयास आरम्भ कर दिए हैं। पूर्व माध्यमिक (कम्पोज़िट) स्कूल ढबारसी में बच्चों ने आज स्काउट गाइड शिविर प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस अवसर पर अध्यापकों ने बच्चों को समझाया कि विषम परिस्थितियों में एवं घर से बाहर संसाधनों की अनुपलब्धता के बावजूद भी कैसे जीवन यापन किया जा सकता है। इस अवसर पर बच्चों ने सुंदर टेंट लगाकर अभिभावकों का मन मोह लिया। ज़ैबा आरिफ़, सलमा, नाज़िया, अमरीन राजपूत, शबनम, फ़ौज़िया, भूरी क़ुर्बान, नईम, कहकशा, खुशबू, सादिया रज़ा हुसैन और समरीन आदि बच्चे स्काउट और गाइड टीम में बुलबुल और कब के रूप में चुने गए। तंबू प्रतियोगिता में कक्षा सात के छात्रों ने 98% अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि कुकिंग-सर्विंग प्रतियोगिता में कक्षा छः की छात्राओं ने अव्वल पोज़ीशन हासिल की।
कक्षा 8 के आकर्षक तंबू को भी खूब सराहा गया। इस अवसर पर स्काउट टीचर डॉ० मोहम्मद सलीम, प्रधानाध्यापक मोहम्मद असलम, मीना मंच प्रभारी नविता कुलश्रेष्ठ, शिखा चारग, सलीमुद्दीन, रश्मि गुप्ता और जैशल, सन्तोष, फ़ख़्र जहां, वीनेश शर्मा, विकास कुमार, रेनू मौलिक, दीप्ति सिंह, सोनल मिश्रा, प्रियंवदा यादव, योगेश कुमार, मोहम्मद हनीफ फरहा आजाद आदि शिक्षक गण भी मौजूद रहे।