दुधवा टाइगर रिजर्व में मृत पाए बाघ को आखिर क्यों छुपाया जा रहा पत्रकारों से

        दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर रेंज की सुल्तानपुर बीट में एक बार मृत पाया गया है।


        आश्चर्य की बात यह है कि दिन में घटित हुई इस घटना को शाम तक मीडिया से छुपाए रखा गया। किसी तरह मीडिया तक खबर लीक होने के बाद आखिरकार रात्रि में उपनिदेशक दुधवा टाइगर रिजर्व प्रेस नोट द्वारा मृत बाघ की घटना पुष्टि की गई। प्रेस नोट में बताया गया कि बाघ के सभी अंग सुरक्षित हैं। इसके बावजूद बाघ की मृत्यु कैसे हुई इस बारे में अभी तक कुछ भी नहीं बताया गया है। इससे संशय की स्थिति पैदा होती है।  प्रेस नोट में बाघ की मृत्यु पर इतना मात्र कहा गया कि अस्वाभाविक रूप से बाग की गर्दन फूली हुई थी। बाकी मृत्यु का यह लक्षण शिकारियों द्वारा उसका शिकार किए जाने की ओर इशारा करता है। इससे पूर्व विगत वर्ष माह नवम्बर में भी शिकारियों के फंदे में एक बाघ फंस चुका है। वह अब तक जिंदा है या मर गया, इस बारे में अब तक भी कोई जानकारी नहीं दी गई।

गले में फंदा फंसे बाघ की वजह से लगभग ढाई महीने बंद रहा था किशनपुर पर्यटन और जांच बचाव हेतु प्रदेश स्तरीय कई अधिकारी डाले रहे थे कई महीने तक किशनपुर में डेरा

अभी हाल ही में दुधवा टाइगर रिजर्व की बेलरायां रेंज में भी हो चुका है शिकार व तस्करी का प्रयास

लगातार घटनाओं से दुधवा नेशनल पार्क में शिकारियों के सक्रिय होने की हो रही पुष्टि

दुधवा टाइगर रिजर्व के अधिकारी दुधवा को बचाने में पूरी तरह से फेल

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