जनपद शाहजहांपुर मे प्रशासन के पास नहीं है कुत्तों से बचाने के इंतजाम
*जनपद शाहजहांपुर मे प्रशासन के पास नहीं है कुत्तों से बचाने के इंतजाम*
जनपद शाहजहांपुर से जितेंद्र कुमार कश्यप की रिपोर्ट
प्रशासन के पास नहीं है कुत्तों से बचाने के इंतजामप्रशासन के पास नहीं है कुत्तों से बचाने के इंतजाम
कुत्ते बंदर आदि आये दिन लोगों पर हमलावर हो रहे है। लगभग रोजाना जिले में करीब 200 लोगों के एंटी रैबीज का इंजेक्शन लग रहा है जिसमे 120 से 150 लोग सिर्फ कुत्ते के काटने के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे है। लेकिन नगर निगम के पास इन्हें पकड़वाने के लिए विशेषज्ञों की टीम का अभाव है। जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति की बात कही जा रही है।
शाहजहांपुर कुत्ते, बंदर आदि आये दिन लोगों पर हमलावर हो रहे है। लगभग रोजाना जिले में करीब 200 लोगों के एंटी रैबीज का इंजेक्शन लग रहा है, जिसमे 120 से 150 लोग सिर्फ कुत्ते के काटने के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे है। लेकिन नगर निगम के पास इन्हें पकड़वाने के लिए विशेषज्ञों की टीम का अभाव है। जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति की बात कही जा रही है।
नगर निगम को ही बने करीब दो साल हो चुके है, लेकिन निगम के पास अभी तक हमलावर हो रहे कुत्तों से लोगों को बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। पीलीभीत जिले में एक बच्ची को कुत्तों ने नोंच लिया। जिस वजह से उसकी मौत हो गई। इसके बाद जब निगम प्रशासन से यहां के इंतजामों के संबंध में बात की गई तो हर बार की तरह फिर कुत्तों को पकड़वाने की याद आई। इसी तरह बंदरों को पकड़वाने के लिए नगर निगम व वन विभाग ने कोई इंतजाम नहीं किए। जबकि बंदरों की वजह से अल्हागंज अधुमई गांव निवासी लईक हुसैन की मौत भी हो चुकी है। इसी तरह कई अन्य घटनाएं भी जिले में हो चुकी है।