जनपद शाहजहांपुर मे आग बुझाने के नहीं पूरे इंतजाम, खतरे में जान
*जनपद शाहजहांपुर मे आग बुझाने के नहीं पूरे इंतजाम, खतरे में जान*
जनपद शाहजहांपुर से जितेंद्र कुमार कश्यप की रिपोर्ट
महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने से 10 नवजात की झुलस कर मौत हो गई जिसके बाद अस्पताल में अग्निसुरक्षा को लेकर बहस शुरू हो गई है। जिले में मेडिकल कॉलेज समेत करीब 100 अस्पताल हैं जिसमें 80 अस्पतालों में निरीक्षण के बाद फरवरी 2019 में अग्निशमन टीम ने अस्पतालों को नोटिस भी जारी किए थे जिसमें मानक के अनुसार अग्निमशन यंत्र नहीं लगे मिले।
शाहजहांपुर महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने से 10 नवजात की झुलस कर मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल में अग्निसुरक्षा को लेकर बहस शुरू हो गई है। जिले में मेडिकल कॉलेज समेत करीब 100 अस्पताल हैं, जिसमें 80 अस्पतालों में निरीक्षण के बाद फरवरी 2019 में अग्निशमन टीम ने अस्पतालों को नोटिस भी जारी किए थे, जिसमें मानक के अनुसार अग्निमशन यंत्र नहीं लगे मिले। करीब 40 अस्पताल ऐसे मिले, जिनमें वर्षाें पुराने लगे सिलिंडरों की स्थिति भी जानने की कोशिश नहीं की गई। उनकी संख्या भी कम मिली।
गलियों में चल रहे अस्पताल
जिले में कुछ अस्पताल तंग गलियों व घनी आबादी में संचालित हैं। यदि वहां आग लग जाए तो वहां अग्निशमन की गाड़ियां तक नहीं पहुंच पाएंगी।
एनओसी जारी होने पर भी उठ रहे सवाल
सभी मानक पूरे होने के बाद ही अस्पताल खोलने के लिए एनओसी जारी होने का नियम है, लेकिन मानक पूरा न करने वाले जिले के 80 अस्पतालों को एनओसी दे दी गई, जिस पर सवाल उठ रहे।
यह होने चाहिए मानक
स्मोक डिटेक्टर (धुआं का पता लगाने वाला यंत्र)
अलार्म
हौज रील आग बुझाने के लिए
भवन की छत पर पानी की टंकी
प्रेशर वाला पाइप
आग बुझाने वाला सिलिंडर वर्जन
पूर्व में अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा उपाय के मानक पूरे न होने पर जो नोटिस जारी किए गए थे, उनमे क्या सुधार हुए हैं इसकी जांच को दोबारा टीमें भेजी जाएगी। मानक पूरा न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
रेहान अली, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ज्यादातर सरकारी अस्पतालों में मानक पूरे है। निजी अस्पतालों की जांच के लिए टीमें गठित की जा रही हैं। सभी अस्पताल संचालकों को मानक पूरे कराने के भी निर्देश हैं।
डॉ. एसपी गौतम, सीएमओ