स्थाई अदालतों में किसी भी प्रकार की कोई फीस नहीं ली जाती तेज रफ्तार के साथ कम वक्त में पीड़ित को इंसाफ दिलाया जाता है , कुंवर अल्लाह रख्खे खान
स्थाई अदालतों में किसी भी प्रकार की कोई फीस नहीं ली जाती,
तेज रफ्तार के साथ कम वक्त में पीड़ित को इंसाफ दिलाया जाता है,
कुंवर अल्लाह रख्खे खान
अध्यक्ष
स्थाई लोक अदालत
गौतम बुध नगर
गौतम बुध नगर, गौतम बुध नगर में स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष और बिजनौर जनपद के पूर्व जिला जज कुंवर अल्लाह रख्खे खान ने एक अनौपचारिक मुलाकात के दरमियान स्थाई लोक अदालत के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहां कि स्थाई लोक अदालतों के गठन से देश की जनता को अब सस्ता और आसान होने के साथ-साथ कम समय में इंसाफ मिल सकेगा। अब पीड़ित व्यक्ति को लंबी अवधि और मोटी रकम मामले की सुनवाई पर खर्च नहीं करना होगी।
याद रहे कि स्थाई लोक अदालत में मात्र हलफनामा और एक शिकायती पत्र दाखिल करने के बाद पीड़ित की फरियाद को बहुत ही तेजी के साथ कम समय में उसका निस्तारण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि दूसरी ओर अन्य अदालतों में न्याय के लिए वादी को लंबे समय तक प्रतीक्षा करने, और कोर्ट के चक्कर काटने के साथ-साथ एक मोटी रकम भी खर्च करना होती है, जिसके चलते पहले से ही पीड़ित व्यक्ति और ज्यादा परेशानियों में न केवल उलझ कर रह जाता है बल्कि बड़े पैमाने पर आर्थिक, मानसिक और शारीरिक पीड़ा के दौर से भी गुजरता है।
स्थाई लोक अदालत में किस किस प्रकार के मामलों मैं न्याय के लिए अपील दाखिल की जा सकती है, इस पर कुंवर साहब ने रोशनी डालते हुए कहा कि हमारे यहां मात्र सिविल मामलों पर ही सुनवाई का प्रावधान है? अपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए हमारे यहां कोई प्रावधान नहीं है।
किन किन मामलों पर आपके यहां सुनवाई के लिए पीड़ित आदमी संपर्क कर अपनी बात रखते हुए आपके माध्यम से इंसाफ हासिल कर सकता है? इस सवाल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि स्थाई लोक अदालतों में आप जमीन, जायदाद, शिक्षा, सड़क, खडनजेऔर नालियों के निर्माण की गुणवत्ता के साथ-साथ विद्युत विभाग, चिकित्सा विभाग, परिवहन विभाग, इंश्योरेंस सेक्टर और बैंकिंग प्रणाली के साथ-साथ शादी ,विवाह विषयों पर अपनी पीड़ा स्थाई लोक अदालत के सामने रख इंसाफ हासिल कर सकते हैं।
स्थाई लोक अदालत ओ द्वारा सुनाए गए फैसलों से किसी भी पक्ष के असंतुष्ट होने पर क्या किसी अन्य अदालत के समक्ष पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है?
इस पर अपनी बात आगे जारी रखते हुए गौतम बुध नगर जनपद की स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अल्लाह रखे खान ने बताया कि अगर कोई स्थाई लोक अदालत के फैसले से सहमत नहीं हैं तो इस पर पुनर्विचार के लिए संबंधित व्यक्ति हाईकोर्ट के समक्ष अपनी बात वकील के माध्यम से रख सकता है, हाई कोर्ट को छोड़ किसी अन्य अदालत के सामने कोई भी आदमी अथवा संगठन और अधिकारी असहमति की स्थिति में किसी अन्य निचली अदालत के दरवाजे पर नहीं जा सकता।
स्थाई लोक अदालत और जनता की इसके बारे में प्रक्रिया के बारे में अपनी राय जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि जनता बनाई गई इन स्थाई लोक अदालत उनसे आसानी के साथ और समय में होने वाले निपटारे से बड़े पैमाने पर संतुष्ट है। और हमें उम्मीद है कि स्थाई लोक अदालत ने भविष्य में और तेजी तथा निष्पक्षता के साथ पीड़ित लोगों को न्याय उपलब्ध कराने में सफल रहेगी।