जनपद शाहजहांपुर मे दस हजार रुपये पर सीमेंट स्टाक के लिए किराये पर लिया था गोदाम
*जनपद शाहजहांपुर मे दस हजार रुपये पर सीमेंट स्टाक के लिए किराये पर लिया था गोदाम*
जनपद शाहजहांपुर से जितेंद्र कुमार कश्यप की रिपोर्ट
जिस बंद राइस मिल के गोदाम में नकली सीमेंट बनाने का कारोबार चल रहा था। वह लखनऊ के एक व्यक्ति का है। आरोपितों ने छह माह पहले दस हजार रुपये में इसे किराये पर लिया था। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि आरोपित अंचल शुक्ला ने सीमेंट की दो हजार बोरियों का स्टाक करने के लिए गोदाम को किराये पर लिया था।
रोजा, शाहजहांपुर जिस बंद राइस मिल के गोदाम में नकली सीमेंट बनाने का कारोबार चल रहा था। वह लखनऊ के एक व्यक्ति का है। आरोपितों ने छह माह पहले दस हजार रुपये में इसे किराये पर लिया था। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि आरोपित अंचल शुक्ला ने सीमेंट की दो हजार बोरियों का स्टाक करने के लिए गोदाम को किराये पर लिया था। लेकिन कुछ दिनों बाद ही यहां नकली सीमेंट बनाया जाने लगा। लोगों की आवाजाही कम होने की वजह से किसी का ध्यान नहीं गया। यहां की देखरेख के लिए मिल मालिक ने एक मैनेजर व चौकीदार को भी रखा है, लेकिन वह इस सबसे अनभिज्ञता जता रहे हैं। बताया जा रहा है कि राइस मिल मालिक के एक रिश्तेदार बड़े प्रशासनिक अधिकारी रह चुके हैं।
एग्रीमेंट भी नहीं हुआ
बताया जाता है कि गोदाम के मैनेजर को एग्रीमेंट के लिए कागजात अंचल ने दिए थे। लेकिन उसी बीच मैनेजर कोरोना संक्रमित हो गया था। क्वारंटाइन होने के दौरान उसने अंचल को गोदाम में सीमेंट का स्टाक रखने की अनुमति दे दी थी।
जिले में हो चुके कई हादसे
रोजा क्षेत्र के फकरगंज निवासी वेदपाल का करीब ढाई माह पहले लिटर खोलते समय ही भरभराकर गिर गया था। जिससे उनके बेटे की दबकर मौत हो गई थी। उन्होंने सीमेंट विक्रेता के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। इसी तरह बंडा क्षेत्र के कस्बा निवासी वीरेंद्र के मकान का छज्जा गिरने से दो बच्चों की उसके नीचे दबकर मौत हो गई थी।
वर्जन
मकान की नींव, दीवारें व लिटर मजबूत होना चाहिए। सीमेंट मिलावटी होने से नींव कमजोर होगी। सीमेंट मजबूती से ईंट को नहीं पकड़ पाएंगे। जिस वजह से नींव दरक जाती है। ग्राहक में भी संबंधित कंपनी के प्रति विश्वास टूटने लगता है।
अरविद दीक्षित, सीमेंट डीलर