जनपद शाहजहांपुर में गांव के बुजुर्ग की जिम्मेदारी निभा रहा 150 वर्ष पुराना पेड़
जनपद शाहजहांपुर में गांव के बुजुर्ग की जिम्मेदारी निभा रहा 150 वर्ष पुराना पेड़ जनपद शाहजहांपुर से जितेंद्र कुमार कश्यप की रिपोर्ट
कहते हैं जिस घर में बुजुर्ग हों वहां बरकत आती है। हर संकट कटत
शाहजहांपुर, कहते हैं जिस घर में बुजुर्ग हों वहां बरकत आती है। हर संकट कटते हैं। ऐसे ही बुजुर्ग हैं जो किसी एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे गांव की रक्षा करते हैं। कोई सुख हो या दुख। संकट आए या मन्नत पूरी हो लोग सबसे पहले इनके पास आते हैं। हम बात कर रहे हैं भावलखेड़ा ब्लाक के तिउलक गांव स्थित 150 वर्ष पुराने पीपल के वृक्ष की। जिन्हें गांव के लोग हरिदेव राजा के रूप में पूजते हैं। मान्यता है कि गांव में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की यह रक्षा करते हैं। अगर कोई परेशानी आए तो उसे हर लेते हैं। गांव में रहने वाले 90 वर्षीय घुरई लाल बताते हैं यह पेड़ सिर्फ छांव नहीं देता बल्कि बड़े-बुजुर्ग की तरह सभी का ध्यान भी रखता है। यह सिर्फ एक पेड़ नहीं है बल्कि आस्था का केंद्र भी है। उनके पिता पूरनलाल यहां पर पूजा करते थे। गांव के प्रधान विनोद कुमार बताते हैं कि करीब 2200 आबादी वाले इस गांव में पांच सौ परिवार हैं। गांव के लोगों का पर्यावरण प्रेम ही है कि गांव के चारों ओर तीन सौ से ज्यादा वृक्ष हैं। जिनमें से पीपल के तीन वृक्ष 100 साल से ज्यादा पुराने हैं। गांव के लोग हरे पेड़ों को न तो काटते हैं और न ही किसी को ऐसा करने देते हैं। समय-समय पर पौधारोपण भी करते रहते हैं ताकि गांव हरा भरा रहे।
वन विभाग ने जिले में 100 साल से अधिक आयु के 18 पेड़ों को चिह्नित किया है। ये सभी धार्मिक महत्व वाले हैं। इनमें पीपल बरगद व नीम के पेड़ भी शामिल हैं।
-आदर्श कुमार, डीएफओ