प्रेम विवाह लव जिहाद के नाम पर सरकार ने दिया मोब लिंचिंग को मजबूत आधार

व्यक्तियों को ही रखा गया है   अभी तक देश में गौ हत्या, चोरी अथवा बच्चा चोरी, लूट के आधार पर अपने मुल्क हिंदुस्तान में मोब लिंचिंग की घटनाएं देश के किसी न किसी भूभाग में होती आई है। इस प्रकार की घटनाओं की निरंतर चर्चाएं समाचार पत्रों, पत्रिकाओं , रेडियो और टीवी चैनल के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से देखने और सुनने को मिलती रही है। जिसके चलते अपने मुल्क को बाहरी दुनिया में बड़े पैमाने पर बदनामी का सामना करना पड़ा है। बदनामी से बचने और खुद को शर्मसार होने से बचाने के लिए देश की सत्ताधारी पार्टी और उससे जुड़े तमाम तथाकथित ,,राष्ट्र भक्तों बुद्धिजीवियों ने अब देश में मोब लिंचिंग के नाम पर एक नया नाम या यू मानिए नया बैनर लव जिहाद के नाम से मोब लिंचिंग करने वाले गुंडे मवालियो को उपलब्ध करा दिया है। इसलिए भविष्य में अब शायद आपको चोरी लूट गौ तस्करी के साथ-साथ लव जिहाद के नाम पर भी मोब लिंचिंग के समाचार और खबरें देखने पढ़ने और सुनने को मिलेगी। इस बैनर को मजबूत और तर्कसंगत के साथ-साथ न्याय संगत ठहराने के वास्ते देश भर की तमाम भाजपा शासित राज्य सरकारों ने भी अपने यहां की विधानसभाओं में लोकतांत्रिक मान मर्यादाओ का उल्लंघन करते हुए हिटलर शाही के नक्शे कदम पर चलते हुए इस प्रेम विवाह जैसे पवित्र बंधन को भी पूरी तरह से संविधान अनुसार अपराध घोषित कर दिया है। लव जिहाद के नाम के मामले में दोषी को जितनी सजा निर्धारित की गई है उतनी ही सजा इसमें सहयोग करने वाले उसके साथियों के लिए भी निर्धारित की गई है। बताते चलें प्रेम विवाह को लव जिहाद की धाराओं के अंतर्गत मात्र मुस्लिम युवाओं पर ही प्रभावी होगा। किसी अन्य धर्म और जाति को मानने वाले युवक पर लव जिहाद का लेवल काम नहीं करेगा।


    याद रहे प्रेम विवाह को किसी भी जाति समाज और धर्म मैं सही नहीं ठहराया गया है सभी लोग इसे बातों में तो अच्छा और जायज ठहराते हैं परंतु हकीकत में हर कोई इसके खिलाफ है शिवाय उसके जिसने प्रेम विवाह किया हो। इसीलिए दुनिया जब से बनी है और आज तक दो प्यार करने वालों के सामने बड़ी-बड़ी परेशानियां आई है और अनेकों मामले में प्रेमी जोड़ों को हत्या और आत्महत्या के दौर से भी गुजरना पड़ा है। मगर बावजूद इसके दुनिया की कोई ताकत आज तक प्रेम विवाह पर बंदिशे लगा नहीं पाईं। मोहब्बत किसी को किसी से भी हो सकती है, इसमें ना कोई आयु सीमा निर्धारित है ना ही कोई समय सीमा और क्षेत्र कब किससे किसके साथ और कहां के रहने वाले थे प्यार हो जाए। और प्यार के चक्कर में आकर वह एक दूसरे को अपना जीवन साथी चुन लें। मैं समझता हूं कि अपने देश में प्यार करने वालों के बीच धर्म के आधार पर जो भेदभाव पैदा करने की कोशिशें सामाजिक और संवैधानिक तौर पर की जा रही है वह किसी भी प्रकार से देश हित में नहीं। इससे प्यार करने वालों के बीच नफरत की बजाए और रिश्ते मजबूत होंगे। तो दूसरी ओर गुंडे मवालीयो, असामाजिक तत्वों को गुंडागर्दी के साथ-साथ मोब लिंचिंग करने के लिए एक मजबूत आधार आसानी से मिल जाएगा। जो किसी भी स्थिति में सही नहीं है हर हाल में इससे देश की एकता अखंडता और भाईचारा प्रभावित होगा। जो हमारे देश के मूल सिद्धांतों और अमन शांति के सिद्धांतों के खिलाफ होगा। देश के सभी अमन पसंद, ईमानदार राष्ट्रवादी, धर्मनिरपेक्षता में आस्था रखने वाले लोगों को चाहिए कि वह भारतीय जनता पार्टी कि इस दूषित मानसिकता वाली विचारधारा के खिलाफ देश के जनता के बीच जन आंदोलन की शुरुआत करें,


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