प्राणघातक हमले के आरोपित को मिली जमानत
प्राणघातक हमले के आरोपित को मिली जमानत
⚡अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव व अजय पाल ने पक्ष रखा।
⚡वाराणसी। दुकान पर कब्जा करने की नीयत से दुकान पर चढ़कर लाठी-डंडे से प्राणघातक हमला करने के मामले में आरोपित को जमानत मिल गयी। विशेष न्यायाधीश जनार्दन प्रसाद यादव की अदालत ने आरोपित ताला, चोलापुर गांव निवासी अशोक यादव को एक लाख रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव व अजय पाल ने पक्ष रखा।
⚡अभियोजन के अनुसार चोलापुर निवासी सीमा यादव ने 23 सितंबर 2020 को चोलापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि हाजीपुर दुमितिया गांव निवासी उमेश, सुरेश, राधेश्याम उर्फ भोनू अरविंद, अभिमन्यु यादव, पारस यादव, प्रमोद यादव, मनोज यादव, अशोक यादव, विजेंद्र व ज्ञानचंद्र एक राय होकर दुकान कब्जा करने की नीयत से हाथों में लाठी-डंडा लेकर गालियां देते हुए दुकान पर चढ़ आये। वे लोग दुकान का ताला तोड़कर उसमे रखा सामान लूटपाट करने लगे। यह देख जब उसके परिवार की गीता देवी, पप्पू यादव, गुलाब यादव व मनीष ने मना किया तो वह लोग लोहबन्दा से गीता देवी पर जानलेवा हमला कर दिए। इस दौरान जब गुलाब बीचबचाव करने पहुंचा तो उसे भी लाठी से पीटकर अधमरा कर दिया। शोर सुनकर जब गांव के लोग जुटने लगे तो सभी हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकले।
⚡अदालत में बचाव पक्ष ने दलील दी कि वादी पक्ष उसके दुकान पर चढ़कर मारपीट कर उसके भाई की हत्या कर दिए थे। उसी हत्या के मामले से बचने के लिए पेशबंदी कर गलत ढंग से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विवेचना में लूटपाट की घटना असत्य पाई गई है और आरोपित का कोई विशिष्ट रोल भी नही दिखाया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में चोटें भी कोई गंभीर प्रकृति की नहीं दिखाई गई है। ऐसे में आरोपित को जमानत पर रिहा करने की अपील की गई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों के अवलोकन के बाद आरोपित की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
⚡जमील अख्तर संवादाता वाराणसी