धोखाधड़ी के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज
धोखाधड़ी के आरोपित की जमानत अर्जी खारिज
⚡अदालत में वादी की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, विनीत सिंह व दिलीप श्रीवास्तव ने पक्ष रखा।
⚡वाराणसी। धोखाधड़ी कर पूर्व में विक्रय की जा चुकी जमीन का सट्टा कर पैसे हड़प लेने के मामले में आरोपित की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) राजेश्वर शुक्ल की अदालत ने सिंहपुर (सारनाथ) निवासी मोतीलाल को मामले की गंभीरता देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत में वादी की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, विनीत सिंह व दिलीप श्रीवास्तव ने पक्ष रखा।
अभियोजन के अनुसार गौतम बुद्ध नगर (सारनाथ) निवासी महेंद्र की तहरीर पर सारनाथ पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर 30 जनवरी 2018 को प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप था कि मोतीलाल ने अपनी आराजी नम्बर 240/3 रकबा 8.78 बिस्वा जमीन का पंजीकृत सट्टा किया था। इस बीच 15 अगस्त 2017 को महेंद्र को पता चला कि उक्त जमीन को मोतीलाल पहले ही किसी को विक्रय कर चुका है और उसके साथ धोखाधड़ी करते हुए कपटपूर्ण तरीके से जमीन का सट्टा कर उससे रुपये हड़प लिए गए है तो उसने मोतीलाल के आवास पर जाकर अपने रुपये वापस करने की मांग की। जिसपर मोतीलाल ने अपने परिवार के सदस्यों राजेन्द्र, बबलू, डब्लू, नामवर, सुरेश व रमेश के साथ मिलकर उसे जातिसूचक शब्दो का प्रयोग करते हुए गलियां देने लगे और जान से मारने की धमकी दिए। इस मामले में पुलिस द्वारा कोई कारवाई नहीं करने पर उसने अदालत की शरण ली। अदालत के आदेश पर सारनाथ पुलिस ने मोतीलाल, राजेन्द्र, बबलू, डब्लू, नामवर, सुरेश व रमेश के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अदालत में जमानत अर्जी का विरोध करते हुए वादी के अधिवक्ताओ ने दलील दी कि आरोपित ने जानबूझकर कर कपटपूर्ण आशय से विक्रय की हुई जमीन का सट्टा किया और धोखाधड़ी करते हुए पैसे हड़प लिए। जिससे यह स्पष्ट ही कि उनकी नियत शुरू से ही बेईमानी कर पैसे हड़पने की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जमील अख्तर संवादाता वाराणसी