प्रधानमंत्री के स्वच्छता दूत गंगा प्रहरी दर्शन निषाद ने डॉल्फिन का रक्षक बनकर डॉल्फिन बचाया !
( वाराणसी ) ग्राम सभा सोनबरसा टांडाकला वन क्षेत्र चहनी या के बीच मछली पकड़ते समय जाल में राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन फंस गई जिसको देखते हुए मछुआरे देश भर में जागरूक कर रहे डॉल्फिन संरक्षण के लिए दर्शन निषाद गंगा प्रहरी को फोन करके सूचित किया तो उन्होंने फोन पर ही आईडिया दिया कि जाल को काटकर लोकनी में सावधानीपूर्वक रखें ऐसा ही मछुआरे ने किया दर्शन निषाद ने पहुंचने से पहले ही जिला बना अधिकारी तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून संबंधित वैज्ञानिक तथा अधिकारी को सूचित किया वैज्ञानिकों के सलाह पर की तत्काल डॉल्फिन को जल्द से जल्द कमर भर पानी में डाल दिया जाए वैसा ही गंगा प्रहरी दर्शन निषाद के सूझबूझ से किया गया डॉल्फिन को पानी में पुनः रिलीज कर दिया गया गंगा प्रहरी दर्शन निषाद ने बताया कि पूर्वांचल के जनपद वाराणसी चंदौली गाजीपुर प्रयागराज मिर्जापुर में भी डॉल्फिन जगह जगह दिखाई देते हैं हैं इनका संरक्षण करना हमारा प्रथम प्राथमिकता है क्योंकि 15 अगस्त को लालकिले से अपने संम्बोधन मे प्रधानमंत्री जी ने डॉल्फिन को संरक्षण हेतू प्रेरित किया था इस मछली को गंगा की गाय भी माना जाता है जो अब विलुप्त होने की कगार पर है इसलिए इनका संरक्षण करना है अनिवार्य है डॉल्फिन शुद्ध और मीठे जल की सूचक है जल के पर्यावरण संतुलन के मुख्य आधार भी हैं गंगा प्रहरी को भारतीय वन्यजीव संस्थान नमामि गंगे भारत सरकार द्वारा डॉल्फिन संरक्षण के लिए प्रशिक्षित किया गया है प्रमाण पत्र दिया गया है इसलिए हम सभी लोग स्वयंसेवी के रूप में मां गंगा की स्वच्छता के साथ-साथ गंगा की जैव विविधता संरक्षण एवं गंगा जीर्णोद्धार परियोजना के अंतर्गत निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं और गंगा के किनारे हमने गंगा प्रहरी भी बनाए हुए हैं जिससे कि किसी प्रकार के डॉल्फिन कछुआ से संबंधित सूचना गांव के लोग मछुआरे भाई लोग हमको देते हैं और मैं वहां पर पहुंच कर रेस्क्यू का कार्य करता हूं पूर्व में भी सकर्माउथ कैटफिश अमेरिका के अमेजन नदी की मछली भी गंगा नदी में पकड़ चुका हूं और सैकड़ों से ज्यादा कछुआ भी वाराणसी के 44 गंगा ग्रामों में रेस्क्यू कर रिलीज कर चुका हूं यह डॉल्फिन का संरक्षण तथा रेस्क्यू अपने हाथों से करना किसी अजूबा से कम नहीं था और बहुत ही आत्मिक अनुभव भरा था इस क्षण का मुझे अपने जीवन में इंतजार था कि मैं भी कुछ जलीय जीव के लिए एकदम अलग सा कार्य करूं जिससे कि माननीय प्रधानमंत्री जी का ड्रीम प्रोजेक्ट डॉल्फिन संरक्षण का सपना साकार हो और यह प्रेरणा माननीय प्रधानमंत्री जी से मिलने के बाद हमें राष्ट्र के लिए कुछ अलग करने का जज्बा मिला जिससे मैं भी उत्साहित हूं और भी अच्छा कार्य करने के लिए हमेशा हमारे नमामि गंगे भारत सरकार महानिदेशक साहब और जनपद के जिला अधिकारी श्री कौशल राज शर्मा जिला बना अधिकारी श्री महावीर जी नगर निगम के कमिश्नर साहब हमें हमेशा प्रोत्साहित करते रहते हैं, कि आगे भी कुछ और अच्छा करता रहूं मैं मछुआरे भाइयों से भी अपील करता हूं कि जहां कहीं घड़ियाल मगरमच्छ कछुआ तथा डॉल्फिन घायल अवस्था या मृत या जाल में फंसी हुई या फिर कहीं भी कोई तस्करी संबंधित जानकारी मिले तत्काल हमारे मोबाइल नंबर 73984 093 33 पर निसंकोच सूचित करें और हमने एक गंगा प्रहरी मोबाइल टीम बना रखा है जो इस प्रकार के कार्य करने के लिए 24 घंटे सेवा में तैयार रहते हैं डॉल्फिन का रेस्क्यू संबंधित जानकारी टोल फ्री नंबर 888 18 80 3 88 जो उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री द्वारा जारी किया गया है रेस्क्यू से संबंधित सूचना दे सकते हैं