पैगंबर ए इस्लाम का आखिरी भाषण, जो पूरी इंसानियत के लिए बेहतरीन पैगाम है- असगर अली फैजी ॥



सिद्धार्थनगर : मौलाना असगर अली फैजी ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुमे की नमाज में खुत्बे के दौरान लोगों से ईद मिलादुन्नबी सकुशल तरीके से कोरोना महामारी का ख्याल रखते हुए सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक मनाने की अपील की। और साथ ही तमाम आलम ए इन्सानियत को यह संदेश दिया कि मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अराफात पहाड़ी की उराना घाटी में हजयात्रा के दौरान अपना आखरी बयान जो दिया वो सारी इंसानियत के लिए फायदेमंद है। पैगम्बर ए इस्लाम ने फरमाया कि “मैं जो कुछ कहूँ, ध्यान से सुनो! इंसानों तुम्हारा रब एक है। अल्लाह की किताब और उसके रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कि सुन्नत को मजबूती से पकड़े रखना।
लोगों की जान-माल और इज्जत का ख्याल रखना। न तुम लोगों पर ज़ुल्म करो, न क़यामत में तुम्हारे साथ ज़ुल्म किया जाएगा। कोई तुम्हारे पास अमानत रखे तो उसमें खयानत न करना। ब्याज के करीब न भटकना।
और भेद भाव का खात्मा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी अरबी को किसी अजमी (गैर-अरबी) पर कोई बरतरी हासिल नहीं। न किसी अजमी को किसी अरबी पर, न गोरे को काले पर, न काले को गोरे पर। फज़ीलत अगर किसी को है तो सिर्फ तक़वा व परहेज़गारी से है। रंग, जाति, नसल, देश, इलाके किसी के लिए बरतरी की बुनियाद नहीं है। बरतरी की बुनियाद अगर कोई है तो ईमान और उसका तक़वा है। जो कुछ खुद खाओ, अपने गुलामों को भी वही खिलाओ और जो खुद पहनो, वही उनको पहनाओ। इस्लाम आने से पहले के सभी खून खत्म कर दिए गए, अब किसी को किसी से पुराने खून का बदला लेने का हक नहीं, और सबसे पहले मैं अपने खानदान का खून, रबिया इब्न हारिस का खून, खत्म करता हूँ (यानी उनके क़ातिलों को माफ़ करता हूँ) पिछले दौर के सभी ब्याज (सूद) खत्म किये जाते हैं और सबसे पहले मैं अपने खानदान में से अब्बास इब्ने मुत्तलिब का ब्याज खत्म करता हूँ।
औरतों के मामले में अल्लाह से डरो, तुम्हारा औरतों पर और औरतों का तुम पर हक है। औरतों के मामले में तुम्हें वसीयत करता हूँ कि उनके साथ भलाई का रवैया अपनाओ।
लोगो! याद रखो, मेरे बाद कोई नबी नहीं और तुम्ह्रारे बाद कोई उम्मत नहीं है। अपने रब की इबादत करना। रोजाना पंचों वक्त की नमाज़ पढना, रमजान के रोज़े रखना, ख़ुशी ख़ुशी अपने माल की जकात अदा करना। अपने रब के घर का हज करना और अपने हकीमों का कहना मानना। ऐसा करोगे तो अपने रब की जन्नत में दाखिल होने का हक रखोगे। लोगों क्या मैंने तुम तक अल्लाह का पैगाम पहुंचा दिया।
लोगों की भारी भीड़ बोल उठी; हाँ, ए अल्लाह के रसूल।
तब मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने तीन बार कहा, ए अल्लाह तू गवाह रहेगा। उसके बाद कुरान की यह आयत सुनाई। “आज मैंने तुम्ह्रारे लिए दीन को पूरा कर दिया और तुम पर अपनी नियमत पूरी कर दी और तुम्हारे लिए दीने इस्लाम को पसंद किया।



रिपोर्ट - असगर अली फैजी सिद्धार्थनगर


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