बारिश थमते ही नालों नदियों में अवैध खनन जोरों पर,जान की परवाह किए बिना सैंकड़ों ट्रैकटर वाले रेत बजरी जमा करने उतरे
पुंछ। तीन दिनों के बाद जिले में जारी भारी बारिश शुक्रवार को थमी। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं बारिश थमते ही जिले में नालों एवं नदियों में अवैध खनन जोरों पर होता देखने को मिला। जहां एक-एक नदी नाले में सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर ट्राली चालक अपनी जान की परवाह किए बिना नदी नालों में उतर गए और रेत एवं बजरी निकालने में जुट गए। इस दौरान कई ट्रैक्टर पानी के बीच फंस गए, जिन्हें कड़े प्रयास से बाहर निकाला गया।नदी नालों में बारिश थमते ही अवैध खनन शुरू हो जाने को लेकर आम लोगों में रोष भी देखने को मिला। इस सबसे प्रशासन एवं पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि जिला प्रशासन की तरफ से बार-बार नदियों से नालों से अवैध खनन पर रोक लगाने के आदेश जारी किए जाने के साथ ही अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने दावे किए जाते हैं। लेकिन शुक्रवार नदियों में जिस प्रकार का दृश्य देखने को मिला उससे तो अवैध खनन पर रोक लगाने के दावे पूरी तरह खोखले नजर आते हैं। बारिश थमते ही नदियों नालों में अवैध खनन शुरू हो जाने को लेकर कई लोगोें का कहना है कि प्रशासन को इसे रोकना चाहिए। क्योंकि इस प्रकार के खनन से जहां नदियों का प्रवाह बदल कर कृषि भूमि को तबाह कर देता है।
जम्मू-कश्मीर संवाददाता सुनील आनंद