कोविड सेंटर में मरीजों को नहीं मिल पा रही सुविधाएं ॥
सिद्धार्थनगर : हर कोरोना पॉजिटिव को ठीक होकर अपने घर जाने की चिंता सता रही है, लेकिन जिला अस्पताल के कोविड सेंटर महिला विग की हालत ऐसी है कि मरीज बे-मौत मर जाएंगे। डाक्टर और ड्यूटी पर लगे स्वास्थ्यकर्मी आजाद हैं। इनपर किसी का नियंत्रण नहीं है। वह मरीजों को देखने तक नहीं आ रहे। जिसकी हकीकत दो दिन के सीसीटीवी फुटेज में देखी जा सकती है। जहां 134 पॉजिटिव मरीजों का इलाज हो रहा है। अंदर के अव्यवस्था की पोल वायरल भी हो रही है। मरीजों को काढ़ा और पानी भी समय से नहीं मिल पा रहा। मरीज बदहाली के बीच यहां रहने को मजबूर हैं। उनके पास झांकने के लिए पिछले दो दिनों से न तो चिकित्सक गए और न ही मरीजों के बुखार, बीपी, शुगर की जांच ही कराई गई। एक कमरे में मरीज भर्ती हैं, वहां पानी भी भरा हुआ है। मरीजों के इलाज व देखभाल के लिए तीन चिकित्सकों सहित डेढ़ दर्जन स्टाफ की ड्यूटी स्वास्थ्य विभाग ने लगा रखा है, लेकिन कुछ की ड्यूटी सेटिग-गेटिग के चलते चल रही है। मरीजों को सुबह करीब 10 बजे नाश्ते में चाय व भुना चना दिया जा रहा है। दोपहर में चावल, दाल, रोटी और सब्जी दी जा रही है। मरीजों का कहना है कि चावल व रोटी अधपकी मिल रही है। रात आठ बजे चाय व 10 बजे के आसपास भोजन दिया जाता है। अंदर लगा आरओ भी खराब है। जिससे दूषित पेयजल का प्रयोग करना पड़ रहा है। साफ-सफाई की व्यवस्था भी बदहाल है। कई दिनों से सफाई कर्मी भी अंदर नहीं गए। सब कुछ ईश्वर के भरोसे छोड़ दिया गया है।
रिपोर्ट - असगर अली फैजी सिद्धार्थनगर