तिलोई अमेठी शासन बदला, सत्ता बदली फिर भी नहीं बदले हालात
अमेठी। चेहरे बदले, लेकिन चरित्र नहीं बदले। सरकार बदल गई, लेकिन न तो समस्याएं बदलीं और न ही व्यवस्थाएं। आज भी आम जनता उन्हीं जरूरतों के लिए जूझ रही है, जिनके लिए बीते दिनों उसने सत्ता बदली थी। चुनाव के दौरान किए गए लोक लुभावन वादे आज झूठे साबित हो रहे हैं। जिस विश्वास के साथ जनता ने नए हांथों में बागडोर दी थी आज वही विश्वास खो रहा है। हम बात कर रहे हैं बीजेपी के चुनावी वादे की। बीजेपी ने यूपी की सड़कों को बीते वर्षों 15 जून तक गड्ढामुक्त करने का वादा किया था। सरकार को तीन साल हो रहे हैं, लेकिन स्थिति आज भी जस की तस है। विकासखंड बहादुरपुर के अन्तर्गत ग्रामसभा बहादुरपुर के गांव पकरी जाने वाले संपर्क मार्ग का हाल ऐसा है की दर्जनों गांव के ग्रामीणों को आजादी के बाद हल्की बारिश में भी कीचड़ से होकर गुजरना होता है। ग्रामवासियों ने कहा विकासखंड कार्यालय बहादुरपुर में वीडियो को ज्ञापन देकर मुख्य मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए अनुरोध किया है। ग्रामीणों में राम जी वर्मा, भगौती, आजम, बाबूलाल, धनंजय, रमेश, लालबाबू, मनोज कुमार, राकेश सहित सैकड़ों ग्रामीणों का कहना है कि गांव पूरे इब्राहिम, पकरी, बेलवाहसन पुर, पूरे ढाणिन, पूरे सरदार, पूरे औलाद हुसैन सहित दर्जनों गांव को जाने वाला रास्ता है। प्रदेश सरकार को तीन साल राज करते हुए हो रहे हैं, लेकिन चुनाव के दौरान किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया गया। प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का सरकार का संकल्प कोरा ही दिख रहा है। कई वादों के दम पर पूर्णं बहुमत से प्रदेश में बीजेपी सरकार बनी और 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सरकार बने तीन साल हो रहे हैं, लेकिन अभी तक जायस मोहनगंज मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली पकरी गांव की सड़क आज भी कीचड़ से दुल्हन की तरह सजी है। वहीं ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी बहादुरपुर को ज्ञापन देकर गांव का मात्र एक मुख्य मार्ग होने के नाते उसे अविलंब दुरुस्त कराने का आग्रह किया है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि पैदल, साइकिल, दुपहिया वाहनों से लेकर भारी वाहनों तक के लिए यह एकलौता मुख्य मार्ग है जो कम दूरी में गांव को शहर से जोड़ता है। बारिश के मौसम में कीचड़ भरे रास्ते से होकर ग्रामीणों का आना जाना होता है। इस कारण आम लोगों को हर रोज परेशानियों से दो चार होना पड़ता है। कीचड़ से लबालब सड़क होने के कारण महज 15 मिनट के इस रास्ते को तय करने में घंटों का समय लग जाता है। जबकि क्षेत्रीय विधायक से लेकर सांसद तक बीजेपी से ही है। साइकिल,गाड़ी से तो दूर यहां पैदल चलना भी मुश्किल है
संवाददाता वीरेंद्र सिंह की रिपोर्ट