समग्र शिक्षा एवं यूनिसेफ द्वारा प्रदेश रिसोर्स ग्रुप के सदस्यों और जिला समन्वयकों का उन्मुखीकरण।
कवित्री, एंकर, अध्यापिका और एसआरजी सदस्या पूनम शर्मा के नेतृत्व में टीम गाजियाबाद ने दिखाया अपना पूरा जलवा।
अब पढ़ाई का बदलेगा पैटर्न- बच्चे अब बिना डर के दोस्ताना माहौल में लेंगे शिक्षा।
मसूरी। अध्यापकों को आवश्यक शैक्षिक सपोर्ट प्रदान करने की ग़र्ज़ से बनाए गए ध्यानाकर्षण कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर के स्टेट रिसोर्स ग्रुप्स के सदस्यों और जिला समन्वयकों का उन्मुखीकरण किया गया। इस ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वारा शिक्षकों को आवश्यक शैक्षिक सपोर्ट प्रदान करने संबंधी इस टीम की भूमिका पर समझ विकसित की गई। विद्यालयों में लिंग भेद के मुद्दों और कोरोनावायरस के दौरान उभर कर आई नई चुनौतियों पर समझ का विकास भी किया गया। उन्मुखीकरण में यह भी बताया गया कि एक ही कक्षा में कुछ बच्चे आगे निकल जाते हैं और जबकि कुछ बच्चे पीछे रह जाते हैं तो ऐसी स्थिति में दोनों प्रकार के बच्चों के बीच के गैप को पाटने के लिए कौन से कौशलों की आवश्यकता पड़ेगी। शिक्षकों में विषयगत समझ के विकास, पाठ योजना निर्माण, सतत आकलन और कक्षा में भयमुक्त, रोचक और मैत्रीपूर्ण माहौल प्रदान करने जैसे आधुनिक शैक्षिक के टिप्स भी दिए गए।
उन्मुखीकरण कार्यक्रम में बताया गया कि कक्षा कक्ष में प्रिंट रिच वातावरण, बच्चों की बैठक व्यवस्था, शिक्षण से पूर्व अध्यापक द्वारा प्रस्तावना बनाना, ज्यादा से ज्यादा शिक्षण सामग्रियों का प्रयोग, खेल- खेल में शिक्षा और नवाचार आदि के माध्यम से बच्चों में प्रश्न पूछना और सीखने के लिए बातचीत करना जैसी प्रक्रिया में सभी बच्चों को शामिल करने के लिए बच्चों को समूह आदि किस आधार पर बनाए जाएं। इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम के माध्यम से प्रभावी शिक्षण के लिए बच्चों को मूर्त से अमूर्त की ओर ले जाना और सरल पाठकों से कठिन की ओर बढ़ाने को एक कुशल शिक्षक का मुख्य हथियार बताया गया। इस दौरान पैरंट टीचर एसोसिएशन को मज़बूत करने पर भी बल दिया गया। जिससे बच्चों की प्रगति पर प्रभावी चर्चा की जा सके। शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीक का उपयोग करने के गुर सिखाने के लिए टीम से डेमोस्ट्रेशन देने की अपेक्षा भी की गई। कहा गया कि प्रारंभिक स्तर पर अध्यापकों की शिक्षण योजनाओं की उचित मॉनिटरिंग करते हुए उन्हें हर प्रकार की मदद फराहम की जाए।
टीम गाजियाबाद की ओर से प्रदेश रिसोर्स ग्रुप के सदस्यों विनीता त्यागी, पूनम शर्मा और देवांकुर के साथ जिला समन्वयक गौरव त्यागी ने भी बच्चों के कठिन स्तर का पता लगा कर उनका निराकरण करने संबंधी अपने-अपने दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया।