बेसिक शिक्षकों के लिए एक जुलाई से खुलेंगे स्कूल, पठन-पाठन के बजाय निभाएंगे दर्जन भर कामों की ज़िम्मेदारी।


   *मसूरी।*  प्रदेश में सभी परिषदीय स्कूलों को महज़ शिक्षकों के लिए एक जुलाई से खोल दिया जाएगा। हालांकि अभी स्कूलों में पठन-पाठन नहीं होगा, लेकिन शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को स्कूल में बैठकर बच्चों की ऑनलाइन क्लास लेने के साथ ही एक दर्जन से अधिक काम निपटाने होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को जुलाई महीने का एजेंडा जारी कर दिया है। 


   ब्लॉक स्तर पर सुबह और दोपहर की पाली में पांच-पांच प्रधानाध्यापकों को रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहना है। यहां पर एक जुलाई से सभी शिक्षकों से मिड डे मील योजना के तहत बच्चों को कुकिंग लागत का भुगतान और अनाज का वितरण, मानव संपदा पोर्टल पर अपने दस्तावेजों का सत्यापन, मिशन प्रेरणा के तहत ई-पाठशाला संचालित कर बच्चों को ऑनलाइन क्लासेज देना आदि कार्य पूर्ण करने होंगें। 


   ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों का रंग-रोग़न, मरम्मत और सौंदर्य से जुड़े कार्यों के साथ ही समर्थ कार्यक्रम के तहत दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनकी शिक्षा और थैरेपी की व्यवस्था भी करनी होगी।    स्कूलों में निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, यूनिफार्म वितरण करना होगा। साथ ही _शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण भी प्राप्त करना होगा।_  शिक्षकों को यू-डायस पोर्टल पर विद्यालयों में बच्चों के नामांकन, इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों से जुड़े आंकड़े भी फीड कराने होंगे। शारदा कार्यक्रम के तहत आउट ऑफ़ स्कूल बच्चों को चिह्नित कर उन्हें स्कूल में दाखि़ला दिलाना, दीक्षा एप के ज़रिए शिक्षकों को कौशल विकास के लिए तैयार 75 कोर्सिज़ का प्रशिक्षण दिलाया जाना है। 


   एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संविलयन की कार्यवाही को भी इस दौरान पूरा कराना होगा


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