108 व 102 एम्बुलेंस कर्मियों के श्रमिको के हित में प्रमुख मांग पत्र लिख दिया ज्ञापन
जनपद फतेहपुर
*108 व 102 एम्बुलेंस कर्मियों के श्रमिको के हित में प्रमुख मांग पत्र लिख दिया ज्ञापन*
यूनियन निम्नवत श्रमिकों के हित में मांग पत्र प्रस्तुत करती है-
1. यह की एंबुलेंस 108 102 एलएस पर कार्यरत ई.एम.टी. व पायलट कुशल श्रेणी के कर्मचारी हैं जिनका वेतनमान न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के अंतर्गत 7085.00 रुपए शासन द्वारा निर्धारित है, जबकि कंपनी रु0 6500/- मासिक मूल वेतन दे रही है, अन्तर समाप्त करते हुए 7085/- मासिक वेतनमान दिया जाए तथा 3542.50 पैसे परिवर्तनीय महंगाई भत्ता देय होता है जो कुल रुपया 10627.50 पैसा मासिक होता है, कंपनी द्वारा न तो निर्धारित मूल वेतन दिया जा रहा है और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता दिया ही नहीं जा रहा है। एच.आर.ए. के रूप में मात्र रु0 1000/- दिया जा रहा है, जबकि वर्तमान में इतनी महंगाई बढ़ गई है की कहीं भी रु0 1000/- में किराए पर रूम नहीं मिलता है। ऐसी स्थिति में पायलट ई.एम.टी. को एच.आर.ए. रुपया 3000/- मासिक दिया जाए और अटेंडेंस इंसेंटिव के रूप में रु0 200/- रुपया मासिक दिया जा रहा है उसे उपस्थिति के हिसाब से पर डे रु0 100/- किया जाए एवं शिफ्ट स्प्रेड ओवर अलाउंस के नाम पर रु0 3900/- दिया जा रहा है उसे रु0 5000/- मासिक किया जाए। वाशिंग भत्ता के रूप में प्रत्येक माह पंद्रह सौ रुपया प्रति कर्मचारी को भुगतान दिया जाए साथ ही वी.आई.पी. ड्यूटी पर होने पर प्रति ड्यूटी रु0 300/- भत्ता दिया जाए
2. शासन द्वारा वेतन भुगतान की निर्धारित तिथि प्रतिमाह 07 तारीख के अंदर वेतन दिए जाने की है। निर्धारित तारीख के अन्दर वेतन भुगतान की तिथि निर्धारित किया जाए साथ ही विलम्ब की स्थिति में 100/- प्रतिदिन प्रति कर्मचारी को कानून में दी गयी व्यवस्थानुसार भुगतान किया जाए। इसके अतिरिक्त कंपनी के दो उच्चाधिकारियों श्री राजेश बाघरे एवं एल.एन.एल. मूर्ति के द्वारा बिलिंग में की जा रही हेराफेरी के कारण, शासन से भुगतान न मिलने के कारण वेतन भुगतान में हो रही देरी की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
3. यह की ट्रेनिंग के रूप में ई.एम.टी. के पद पर कार्यरत प्रदेश में लगभग 2500 से 3000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें शासन द्वारा देय न्यूनतम वेतन का भुगतान न कर लगभग 5500/- रुपए ट्रेनिंग भत्ता के रूप में दिया जा रहा है जो कि पूर्णता विधि विरुद्ध है उन्हें शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान नियुक्ति तिथि से एरियर सहित किया जाए साथ ही 2012 से नियुक्त जिन तथाकथित ट्रेनीज ई.एम.टी. को ई.पी.एफ. ईएस.आई. का लाभ नहीं दिया जा रहा है उन्हें नियुक्ति तिथि से दिया जाए।
4. शासन एवं कम्पनी की नीति के अनुसार दो शिफ्टो में कार्य हो रहा है किन्तु कर्मचारियों की कमी के कारण शिफ्टो में काम करने वाले कर्मचारियों को अधिक कार्य करना पड़ता है, इसके लिए रिलीवर के तौर पर 0.5ः कर्मचारियों की और नियुक्त की जाये। इसकी सूचना एन.एच.एम. कार्यालय को देते हुए संगठन को भी दी जाये।
5. कर्मचारी अपनी अटेनडेंस बायोमेट्रिक्स सिस्टम लगा सके, सिस्टम प्रणाली सही की जाये। चूंकि आपका सिस्टम सही रूप में काम नहीं करता है। जिसका खामयाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
6. प्रदेश में कार्यरत सभी कर्मचारियों की नियुक्ति तिथि स्पष्ट करते हुए, वरिष्ठता सूची बनायी जाये, जिसकी प्रमाणित प्रति संगठन को देते हुए एन.एच.एम.को भी जाये।
7. ओवरटाइम का भुगतान नियमानुसार डबल दर से किया जाए।
उपरोक्त मांग पत्र में उल्लेखित मांगों पर अभिलंब औद्योगिक शांति व्यवस्था को बनाए रखने हेतु उच्च प्रबंधन के मध्य वार्ता कराने की कृपा करें अन्यथा यदि किसी प्रकार की औद्योगिक अशांति होती है तो उसकी संपूर्ण जवाबदेही संस्था की होगी। कृपया वार्ता की तिथि सुनिश्चित कर सूचित करने की कृपा करें।
प्रदेश महामंत्री प्रदेश अध्यक्ष
प्रतिलिपि : श्रीमान अपर श्रमायुक्त लखनऊ क्षेत्र लखनऊ को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित -
प्रदेश महामंत्री प्रदेश अध्यक्ष