कासगंज! रोते बिलखते दोस्तों को छोड़ गए चंडोक।

रोते बिलखते दोस्तों को छोड़ गए चंडोक।

बहुमुखी प्रतिभा के धनी, कवि, साहित्यकार,  व्यापारी नेता, पत्रकार दविंदर चंडोक साहब के निधन की खबर आहत करने वाली बेहद दुःखद है। आज नोएडा के जेपी हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली। एक साल से वह कैंसर जैसी घातक बीमारी से जंग लड़ रहे थे। 
उन्होंने अपने फेसबुक पर लिख रखा था।
"रूह से आंखों का नूर हो जाऊँ
बेहतर है जिस्म से दूर हो जाऊँ,
जिस्म किसी और की अमानत है,
रूहानी इश्क में चूर हो जाऊँ ।
ईश्वर उन्हें आत्मिक शांति प्रदान करे। ॐ शांति शत शत नमन।


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