पीलीभीत ! झोलाछाप की मौत के बाद साढ़ू के भाई और मां की रिपोर्ट पॉजिटिव, मेडिकल कॉलेज भी कोरोना की जद में
मेडिकल कॉलेज के तीन डॉक्टर और तीन नर्स शामिल हैं इस पूल में, अब सबकी होगी अलग-अलग जांच
बरेली। हजियापुर के झोलाछाप की मौत के साथ शहर में कोरोना का खतरा बढ़ता दिख रहा है। झोलाछाप के परिवार की रिपोर्ट निगेटिव आने पर राहत की सांस ले रहे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का चैन रात करीब साढ़े नौ बजे उसके साढू के भाई और मां की प्रारंभिक रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उड़ गया। इसके बाद एक निजी मेडिकल कॉलेज के स्टाफ का पूल टेस्ट भी पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया।
हजियापुर के कोरोना संक्रमित झोलाछाप डॉक्टर की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इससे पहले उसके 30 से ज्यादा परिजनों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। उसके सगे संबंधियों के भी नमूने लिए गए थे। इन्हीं में से गुरुवार रात साढ़े नौ बजे आईवीआरआई से झोलाछाप के ब्राह्मपुरा निवासी साढू के भाई और मां के सैंपल की प्रारंभिक रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। आईवीआरआई से इसकी सूचना फोन पर जिला सर्विलांस ओर नोडल अफसर को दी गई।
इसके बाद रात करीब सवा दस बजे सीएमओ कार्यालय में प्रेसवार्ता बुलाई गई। इसमें नोडल अफसर एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने साफ किया कि आईवीआरआई से प्राप्त रिपोर्ट प्रारंभिक है। अभी झोलाछाप के साढू के भाई और मां को कोरोना संक्रमित मानना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की पुष्टि दो जांच से होती है। प्रारंभिक जांच में कोरोना के लक्षण मिलने पर संक्रमण की पुष्टि के लिए दूसरी जांच की जाती है। इसके पॉजिटिव आने पर ही मरीज को कोरोना संक्रमित माना जाता है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को कन्फर्मेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। इसी बीच निजी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को लिए गए 15 पूल सैंपल में से एक पूल की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से और ज्यादा हडकंप मच गया है। इस पूल में तीन डॉक्टर और तीन नर्स शामिल थीं। इन सभी को क्वारंटीन कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अब गुरुवार को सभी की अलग-अलग जांच कराई जाएगी।
उत्तराखंड की महिला छोड़ गई मेडिकल कॉलेज में संक्रमण
नोडल अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि उत्तराखंड की एक महिला का पिछले हफ्ते मेडिकल कॉलेज में इलाज किया गया था। उसे न्यूरो संबंधी दिक्कत थी। बाद में उसे यहां से ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया। वहां उसमें कोरोना के लक्षण मिलने पर जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव मिली। इसके बाद ऋषिकेश एम्स से यहां मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्टाफ की पूल जांच कराने का सुझाव दिया गया था। मंगलवार को सबका पूल सैंपल लेकर बुधवार सुबह जांच के लिए भेजा गया था। रात करीब दस बजे आई रिपोर्ट में लिए गए 15 पूल में से एक पूल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उन्होंने आशंका जताई कि पूल में एक व्यक्ति भी पॉजिटिव हो सकता है और एक से ज्यादा भी। यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।