जनपद शाहजहांपुर लाकडाउन से इस गांव की गलियों में लौटी रौनक
बारिश के बाद उमसयुक्त गर्मी में भावलखेड़ा ब्लॉक के गांव कुआडांडा में लोग धनपाल के खेत में मूंगफली व प्याज के खेत में गुडाई कर रहे हैं
शाहजहांपुर, नरेंद्र यादव। बारिश के बाद उमसयुक्त गर्मी में भावलखेड़ा ब्लॉक के गांव कुआडांडा में लोग धनपाल के खेत में मूंगफली व प्याज के खेत में गुडाई कर रहे हैं, सभी लोग रसोईया चांदनी के पति हरिशचंद का हालचाल ले रहे है। उनके पति 28 दिन हरियाणा में और वहां से लौटने के बाद यहां भी 14 दिन क्वारंटाइन में रहे। इस बीच गन्ना की गुडाई कर रहे बाबू रामपाल हाथ में मठेई थाम पहुंचे। वह भी खेत में खड़े होकर चर्चा में शामिल हो जाते हैं।
गुडाई करते हुए सुखपाल बोले गनीमत रही कि भतीजा हरजिंदर समय से आ गया, नहीं तो बड़ी परेशानी होती। परिवार में 10 एकड़ जमीन है। काम भी बहुत। फिर भी हरजिंदर नौकरी के लिए हरियाणा गया, समझाया खेती से अच्छा कुछ नहीं लेकिन नहीं माने। लॉकडाउन में फसने पर आटा दाल का भाव पता चला। गनीमत रही कि समय से आ गए। वे समझाते हैं कि अगर लोग अपने घर गांव और आसपास में ही काम करें तो अन्य प्रदेश से ज्यादा कमा लेंगे और सुकून से भी रहेंगे।
एक तिहाई लोग बाहर करते हैं काम
यह गांव शैक्षिक और आर्थिक रूप से काफी पिछड़ा है। यहां के एक तिहाई लोग बाहर काम करते हैं। 80 फीसद के करीब घर हैं, जबकि गांवों की भूमि उपजाऊ है। लेकिन लोग खेती को घाटे का सौदा मानते हैं। इस गांव में 90 परिवार हैं कोरोना महामारी से पूर्व 28 परिवार के लोग हरियाणा दिल्ली में काम करने के लिए गए थे। दर्जन भर गांव लौट आए हैं कुछ लोग क्वॉरेंटाइन में है। कई दिल्ली में परिवार समेत फंसे है।