सावधानी बरतें बड़े स्टोरो से खरीदारी करते वक्त
गाजियाबाद । चौंक गए आप ! जी हां बात ही चौंकने वाली है । ऐसी रिटेल स्टोर्स कीचेन जिसके देश भर में लगभग 300 रिटेल स्टोर हैं , जहां सब काम कंप्यूटर से होते हैं । वहां धोखाधड़ी का आरोप किसी को भी चौंका देगा । हुआ यूं कि शहर के एक नागरिक अनुज गर्ग ने ऑपुलेंट मॉल स्थित बिगबाजार से घरेलू सामान खरीदा जिसमें मूंगफली का 500 ग्रा० का पैकेट भी था । जिसका मूल्य पैकेट पर साफ - साफ 60रु० अंकित था। बिग बाजार जैसे स्टोर में बिलिंग वस्तु पर लगे बार कोड के अनुसार कंप्यूटर से होती है । अतः लोग वस्तु की मात्रा पर तो ध्यान देते हैं मूल्य पर ध्यान देकर बिल का योग देखकर भुगतान कर देते हैं । घर जाकर खरीदार अनुज गर्ग की नजर अचानक मूंगफली के मूल्य पर पड़ी तो हैरान रह गए । 500ग्राम मूंगफली के लिए बिल में 108 रु० वसूल लिए गए थे । खरीददार अनुज गोयल चूंकि अधिवक्ता भी है तो वो सारे मामले को भांप गए । उन्होंने जबस्टोर के प्रबंधक नितिन शर्मा को यह शिकायत की तो उन्होंने बात को हवा में उड़ाते हुए कह दिया कि ऐसी गलती तो अक्सर हो जाती है ,आप अपने 48 रु० वापस ले लीजिए । अधिवक्ता अनुज गर्ग के अनुसार वे 2007 से बिग बाजार से अपने घर का सामान खरीद रहे हैं । उन्होंने बताया कि पहले वे कौशाम्बी के ईडीएम मॉल स्थित बिग बाजार से खरीददारी करते थे । 2013 में बिग बाजार ऑपुलेंट मॉल में खुलगया
तब से यहां से खरीददारी कर रहे हैं । इतने लंबे समय में ना जाने कितनी बार और ना जाने कितनी वस्तुओं के पैसे ज्यादा लिए गए होंगे । अनुज गर्ग ने बताया कि उन्होंने अभी एक ऐसा मामला और पकड़ा है। यहां से लिए गए वस्तु पर मूल्य कम छपा था और बिल में ज्यादा पैसे वसूले गए थे । पूरे भारत में बिग बाजार के लगभग 300 स्टोर हैं । जिनमें बहुत लोग खरीददारी करते हैं । सब जगह यही सब चल रहा होगा तो हिसाबलगाइए अब तक ये लोग धोखे से कितनी बड़ी रकम इकट्ठाकर चुके होंगे । इस मामले में अधिवक्ता अनुज गर्ग ने एक जागरूक उपभोक्ता होने के नाते बिग बाजार के सीईओ किशोर बयानी को कानूनी नोटिस भी भेजा है । अब देखना यह है कि अधिवक्ता के नोटिस पर बिग बाजार वाले क्या रुख अपनाते हैं।
याद रहे गांवों कस्बों शहरों और महानगरों में छोटे और मझोले दुकानदारों से पीड़ित ग्राहकों को बचाने उचित मूल्यों में सही माल सीधा सीधा जनता के हाथों में पहुंचाने के मकसद से इन बिग बाजार ओं का अस्तित्व वजूद में आया था। जिसके चलते जनता को कुछ राहत महसूस हुई मगर राहत ज्यादा लंबे समय तक नहीं मिल पाई। जादुई बिग बाजार ओं के ऊपर जनता का यकीन और प्रतिदिन बढ़ती भीड़ को देखकर बिग बाजार के मालिक भी मनमानी धोखाधड़ी और ठगी पर उतर आए। और खुलकर जनता को लूटने लगे। इन बाजारों ने ग्राहकों को लूटने का निराला अंदाज निकाला है और दोनों हाथों से जनता को लूट रहे हैं। बड़ी जद्दोजहद और मेहनत से पकड़ में इनका यह तरीका आया है। उल्लेखनीय है कि कि पूरे देश में तकरीबन 300 के आस-पास वैसे रिटेल स्टोर विभिन्न स्थानों पर चल रहे हैं और इन सभी पर ना सही बहुत सारे सेंट्रो पर कंप्यूटरों में गड़बड़ी कर उपभोक्ताओंको लूटा जा रहा है।