कर्मचारियों की मनमानी ग्राहकों को पड़ रहा भारी॥ असगर अली फैजी 

कर्मचारियों की मनमानी ग्राहकों को पड़ रहा भारी॥


असगर अली फैजी
सिद्धार्थनगर - जनपद सिद्धार्थ नगर के इटवा कस्बे में स्थित सिंडिकेट बैंक शाखा में बैंकिग व्यवस्था का कोई मतलब नहीं है। कर्मचारियों की मनमानी नियमों पर भारी पड़ने लगी है। स्थिति यह है कि दो बजे ही गेट पर ताला लग जाता है। इस बीच किसी को भुगतान लेना हो, तो उसे वापस कर दिया जाता है। जबकि अगर किसी ग्राहक को पैसा खाते में जमा करना होता है, तो कहा जाता है कि चार बजे के बाद बैंक के अंदर उन्हें लिया जाएगा। मतलब दो घंटे तक उपभोक्ताओं को गेट पर ही खड़ा रहना होता है। बैंक शाखा में विशेष परिस्थिति में ही कैश आता है, अन्यथा जो पैसा बैंक में जमा होता है, उसी से भुगतान किया जाता है। नेटवर्क की दिक्कत भी आए दिन सामने आ जाती है। इस सप्ताह तीन दिन तक सर्वर फेल होने के कारण बैंक में लेनदेन बंद रहा। समस्याओं के बीच ग्राहकों की संख्या बढ़ती जा रही है। इधर स्वच्छता अभियान के तहत लाभार्थियों को शौचालय का चेक मिल रहा है, इसलिए बैंक में भीड़ भी उमड़ रही है।मगर स्थिति यह रही कि दो बजे ही गेट पर ताला मार दिया गया। जिनको भुगतान लेना था, उन्हें दूसरे दिन आने के लिए कहा गया, जबकि जिनको कैश जमा करना था, उन्हें चार बजे के बाद बुलाया गया। गेट पर मिले परसा निवासी अभिमन्यु पाठक ने कहा कि यहां बैंकिग व्यवस्था का बुरा हाल है। शौचालय शीघ्र बनाने के लिए जिम्मेदार दबाव बना रहे हैं, अब भुगतान नहीं हो रहा है तो मजदूरों को मजदूरी कैसे दी जाए। संग्रामपुर निवासी अकालमती, शिव कुमार, हीरखास निवासी जवादानी आदि ने बताया कि दो बजे से खड़े हैं, गेट नहीं खोला जा रहा है। शाखा प्रबंधक रघुपति प्रसाद ने कहा कि ग्राम निधि का भुगतान तीन बजे तक किया जाता है, नेट की स्थिति खराब है। इसलिए गेट बंद कराया गया। जिनको पैसा जमा करना है, उन्हें चार बजे बैंक के अंदर लिया जाएगा।


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