अविवाहित पागल महिला ने दिया एक बच्चे को जन्म ॥ असगर अली फैजी 

अविवाहित पागल महिला ने दिया एक बच्चे को जन्म ॥


असगर अली फैजी
सिद्धार्थनगर - जनपद सिद्धार्थ जिले में एक अविवाहित विक्षिप्त महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया है। जिला अस्पताल में पैदा हुआ यह बच्चा स्वस्थ और सुंदर है । अस्पताल और जिला प्रशासन विक्षिप्त महिला को पागलखाने और बच्चे को चाइल्ड सेंटर भेजने की कवायद में लग गया हैं जहां बच्चे की उचित देखभाल की जा सके।
बता दें कि जिला अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में बेड पर लेटी इस विक्षिप्त महिला को यह नहीं पता कि अब वह महिला एक बच्चे की मां बन गई है। यह विछिप्त महिला कहां की है कहां से आई किसी को मालूम नहीं। पिछले एक साल से वह जिला अस्पताल के आसपास घूमती देखी जाती रही है। कुछ दिनों पहले जिला अस्पताल से 2 किलोमीटर दूर किसी ने इसे प्रसव पीड़ा में एक खुली जगह तड़पते देखा तो एंबुलेंस मंगाकर इसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां इस महिला ने एक सुंदर लड़के को जन्म दिया है। महिला विछिप्त है इसलिए अस्पताल के डॉक्टर बच्चे के सुरक्षा को देखते हुए  उसके पास नहीं रख रहे हैं । जिला अस्पताल प्रशासन महिला को बनारस के पागलखाने और बच्चे को चाइल्ड केयर सेंटर भेजने की तैयारी कर रहा है। माँ बनना सौभाग्य तो होता है पर बिन ब्याही मां बनना कलंक होता है। और अगर सड़क पर घूम रही पागल महिला माँबन जाए तो हमारे समाज पर कई सवाल खड़ा होता है । सिद्धार्थनगर में पागल महिला के साथ हुई इस घटना ने हर किसी को अंदर से हिला कर रख दिया है । हर कोई इस घटना की निंदा कर रहा है। और चाह रहा है कि इस महिला और बच्चे के दोषी जरूर बेनकाब हों। हालांकि बच्चे को गोद लेने के लिए अब तक कई लोग सामने आ चुके हैं लेकिन कानूनी प्रक्रिया के बाद ही उसे किसी को सौंपा जाएगा। पागल महिला यह भूल चुकी है कि उसने एक बच्चे को जन्म दिया है। पैदा हुआ बच्चा किसी परिवार का अंग बन कर अपनी पहचान पा लेगा। लेकिन सिद्धार्थनगर जिले पर इंसानियत को तार-तार करने वाला यह बदनुमा दाग हमेशा के लिए कायम रहेगा।


India covid cases graph

Popular News

शिक्षकों के ख़िलाफ़ जांच नहीं कर सकेंगे महानिदेशक

तरबियती कैंप में हाजियों को दिए टिप्स: हज करने का तरीक़ा और ज़रूरी सामान के साथ ही मसाइल से भी कराया रूबरू

आठवीं पास भी बन सकेंगे अग्निवीर

दिन में छह बार देनी होगी बेसिक शिक्षकों को अपनी हाज़िरी, अपलोड करना होगा सेल्फी से सुबूत

ख़त्म होगा पांच साल का इंतज़ार, परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति का शासन को भेजा प्रस्ताव

समस्या और तनाव प्रबंधन के गुर सीखने के बाद अध्यापक बनाएंगे आत्मजागरूक और साहसी समाज

विशेष दिनों के प्रति जागरूक करते हुए छात्राओं को बांटे सैनिटरी पैड्स