आठ साल की बच्ची के दुष्कर्मी को मात्र सात माह में मिली सजा ॥ असगर अली

आठ साल की बच्ची के दुष्कर्मी को मात्र सात माह में मिली सजा ॥



सिद्धार्थनगर - जनपद सिद्धार्थनगर के विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट रामचंद्र यादव प्रथम ने आठ साल की बच्‍ची से दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाया। सात माह में मुकदमे की सुनवाई पूरी की और अभियुक्त शेरू उर्फ रमजान को दोषसिद्ध करार दिया। आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए स्पष्ट किया कि उसे अंतिम सांस तक कैद में रखा जाए। 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।अदालत ने राज्य सरकार को निर्देशित किया है कि वह पीडि़ता को दो लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दे। विशेष लोक अभियोजक पाक्सो कोर्ट पवन कुमार कर पाठक के अनुसार 20 मई की सुबह करीब साढ़े छह बजे बांसी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी आठ साल की बच्‍ची शौच करने के लिए बाग में गई थी। अभियुक्त भी वहीं मौजूद था, उसने बच्‍ची को पकड़ कर दुष्कर्म किया। कुछ दूरी पर मौजूद लोगों ने जब देखा तो शोर मचाते हुए अभियुक्त को दौड़ा लिया। भागने के दौरान वह गिर गया तो लोगों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने नाबालिग को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां वह 14 घंटे बाद होश में आई। घटना के बाद मानसिक प्रताडऩा से गुजर रही थी। कुछ दिनों बाद वह सामान्य हुई तो बयान दर्ज कराया। अदालत में महिला चिकित्सक रुखशांदा सिद्दीकी और एसओ बांसी शैलेश कुमार समेत कुल आठ गवाहों ने गवाही दी। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को सजा सुनाई।


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