ओएलएक्स के नाम पर फर्जीवाड़ा, पांच गिरफ्तार रिपोर्ट शुभम पटेल न्यूज़ सीतापुर
सीतापुर
ओएलएक्स कंपनी के नाम पर यूपी में शातिरों का गिरोह फर्जीवाड़ा करता रहा। राज उस समय खुला जब कई टेलीफोन नंबर क्राइम ब्रांच के रडार पर आए, खीरी जनपद के पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया कि राजस्थान का एक शातिर फरार है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम भेजी गई है। शातिरों का गिरोह यूपी, दिल्ली, बिहार सहित राजस्थान में सक्रिय रहकर वारदात को अंजाम देता रहा है।
एसपी एलआर कुमार ने बताया कि पकड़े गए शातिर, वारदात के लिए चार सौ से अधिक सिम इस्तेमाल में ला चुके हैं। फर्जी दस्तावेजों के सहारे तैयार सिमों के माध्यम से इन लोगों ने ओएलएक्स कंपनी के नाम पर एक फर्जी कंपनी बना डाली। ऑनलाइन कंपनी के सहारे विज्ञापन दिखाकर उपभोक्ताओं को आकर्षित किया जाता था, जो लोग फर्जीवाड़े में फंस जाते थे, उनसे पेटीएम खातों में अग्रिम धनराशि जमा कर ली जाती थी। वाहन आदि को क्रय अथवा विक्रय करने वाले लोग जब इस झांसे में फंसकर पेटीएम में नकदी स्थानांतरित कर देते थे, तब शातिरों का गिरोह उपयोग में लाए गए नंबरों को बंद कर देता है। ऐसा ही फर्जीवाड़ा कोतवाली नगर के शमशेर बाग निवासी सुरेन्द्र गुप्ता के साथ हुआ तो पुलिस ने केस दर्ज करते हुए टेलीफोन काल खंगालीं।
एसपी ने बताया कि फोन नंबरों के आधार पर खीरी जनपद के पसगवां थाना क्षेत्र स्थित अजबापुर निवासी अखिलेश सिंह, सिधौली के रामनगर कसरइया निवासी रिंकू यादव, कमलापुर थाना क्षेत्र के सौनबरसा बहरीमऊ निवासी लवलेश कुमार, अटरिया के कुंवरपुर निवासी राहुल कुमार और लहरपुर के मुसियाना निवासी चित्रसेन गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से चार सौ से अधिक निजी कंपनियों के सिम, एक दर्जन मोबाइल, एक एटीएम कार्ड आदि बरामद हुआ है। लाखों की ठगी में गिरफ्तार किए गए आरोपितों से हुई पूछताछ में पता चला है कि राजस्थान का विजय इस गिरोह में मुख्य भूमिका में है। शातिर की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।